S.I.R के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने दिए चुनाव आयोग को दिशानिर्देश !

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को चुनाव आयोग को आदेश दिया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं की जिला-वार सूची जिला चुनाव अधिकारियों की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि हटाने के कारण, जैसे मृत्यु, स्थानांतरण, डुप्लिकेट प्रविष्टि आदि, स्पष्ट रूप से उल्लेख किए जाने चाहिए।
यह जानकारी बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जानी चाहिए। इन दस्तावेजों को EPIC नंबर के आधार पर खोजने योग्य होना चाहिए।
खंडपीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वे स्वीकार्य दस्तावेजों की 11 दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड को शामिल करें और मतदाताओं को आधार कार्ड जमा करने की अनुमति देने के लिए इसका व्यापक प्रचार करें। 10 जुलाई के आदेश के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आधार कार्ड पर विचार करने के लिए कहा था, लेकिन यह आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों की सूची में शामिल नहीं है, इसलिए मतदाताओं को इसकी जानकारी नहीं हो सकती, खंडपीठ ने कहा। “आपके 11 दस्तावेजों की सूची नागरिकों के लिए सुविधाजनक लगती है, लेकिन आधार और EPIC आसानी से उपलब्ध हैं… आपकी सूचनाओं में यह उल्लेख किया जा सकता है कि जिन लोगों ने अब तक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, वे अपने आधार और EPIC भी जमा कर सकते हैं,” जस्टिस बागची ने कहा।