रांची। कंप्यूटराइजेशन और टेलीकम्युनिकेशन के भारत में जनक थे राजीव गांधी
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- 21 May 2020 --
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रांची। भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था और उनकी मृत्यु 21 मई 1991को बम विस्फोट से पेरुबुदूर में एक आतंकवादी संगठन लिट्टे द्वारा मानव बम से की गईराजीव की राजनीति में कोई रूचि नहीं थी और वो एक एयरलाइन्स में पायलेट की नौकरी करते थे।
भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने
अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में असामायिक मृत्यु के बाद माता इन्दिरा गांधी को सहयोग देने के लिए राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश लिया। वो अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीत कर सांसद बने। प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की हत्या इंदिरा गाँधी के बाडीगॉर्ड (अंगरक्षक) द्वारा कर दी गई। उसके बाद राजीव गाँधी भारत के प्रधानमंत्री बने।
राजीव की सरकार पर लगा दाग
प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार पर पहली बार दाग लगा,जिसका कंलक आज भी कांग्रेस पार्टी ढो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार स्वीडीन की हथियार कंपनी बोफोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने में 80 लाख डालर की दलाली चुकायी थी। स्वीडन की रेडियो ने सबसे पहले 1987 में इसका खुलासा किया। इसे ही बोफोर्स घोटाला या बोफोर्स काण्ड के नाम से जाना जाता हैं।
सीबीआई के फाईल से नाम हटा
आपको बता दें कि काफी समय तक राजीव गांधी का नाम भी इस मामले के अभियुक्तों की सूची में शामिल रहा लेकिन उनकी मौत के बाद नाम फाइल से हटा दिया गया। सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी गयी,लेकिन सरकारें बदलने पर सीबीआई की जांच की दिशा भी लगातार बदलती रही। एक दौर था, जब जोगिन्दर सिंह सीबीआई चीफ थे तो एजेंसी स्वीडन से महत्वपूर्ण दस्तावेज लाने में सफल हो गयी थी। जोगिन्दर सिंह ने तब दावा किया था कि केस सुलझा लिया गया है। बस, देरी है तो क्वात्रोक्की को प्रत्यर्पण कर भारत लाकर अदालत में पेश करने की।
नहीं मिला सबूत
उनके हटने के बाद सीबीआई की चाल ही बदल गयी। इस बीच कई ऐसे दांवपेंच खेले गये कि क्वात्रोक्की को राहत मिलती गयी। दिल्ली की एक अदालत ने हिंदुजा बंधुओं को रिहा किया तो सीबीआई ने लंदन की अदालत से कह दिया कि क्वात्रोक्की के खिलाफ कोई सबूत ही नहीं हैं। अदालत ने क्वात्रोक्की के सील खातों को खोलने के आदेश जारी कर दिये। नतीजतन क्वात्रोक्की ने रातों-रात उन खातों से पैसा निकाल लिया।
राजीव गाँधी की उपलब्धियां
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राजीव गाँधीभारत में सूचना क्रांति के जनक माने जाते हैं. देश के कंप्यूटराइजेशन और टेलीकम्युनिकेशन क्रांति का श्रेय उन्हें जाता है .
2.स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में महिलाओं को 33% रिजर्वेशन दिलवाने का काम किया।
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मतदाता की उम्र 21 वर्ष से कम करके 18 वर्ष तक के युवाओं को चुनाव में वोट देने का अधिकार राजीव गांधी ने दिलवाया |
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पंचायतीराज का विस्तार राजीव गाँधी के शासनकाल में हुआ।