झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र

सोमवार को सदन में किस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने किया प्रदर्शन?

  • बीजेपी विधायकों का सदन के बाहर प्रदर्शन
  • लैंड म्यूटेश बिल को लेकर सरकार को घेरा
  • सहायक पुलिसकर्मियों के मुद्दे को भी उठाया

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को भाजपा के विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया.झारखंड सहायक पुलिसकर्मियों समेत अन्य मामलों को लेकर सरकार को घेरा. इस दौरान बीजेपी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

बीजेपी विधायकों ने सोमवार को कई मुद्दों को लेकर झारखंड विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन, लैंड म्यूटेशन बिल और विधि-व्यवस्था के मामले को लेकर सरकार को घेरा.

नेता प्रतिपक्ष मामले को लेकर भी बीजेपी आक्रामक है.बता दें कि झारखंड विधानसभा सचिवालय ने इस मामले में बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की से जवाब तलब किया है.

इन्हें  जवाब देने के लिए सात अक्टूबर तक का समय दिया गया है.वहीं सरना धर्म कोड को लेकर आदिवासी संगठन मुखर हैं. आदिवासी संगठनों ने इसके लिए मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकता का प्रदर्शन भी किया. इसे लेकर भी केंद्र को प्रस्ताव भेजने का दबाव राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर है.

वहीं रांची में पुलिस गेस्ट हाउस में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म मामले में भी भाजपा सरकार पर आक्रामक है. सोमवार को भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर पोस्टर के जरिए विरोध प्रदर्शन किया.

मौके पर बीजेपी विधायकों ने कहा कि झारखंड में महागठबंधन की सरकार अपनी नाकामी को छिपाने का प्रयास कर रही है. यहां के युवा, महिला, दलित, किसान, गरीब सरकार के रवैये से त्राहिमाम कर रहे है.  हेमंत सरकार सभी मोर्चे पर फेल है.

झारखंड लैंड म्यूटेशन रद्द करो, झारखंड में जमीन लूटनेवाले के लिए कानून बनाना बंद करो जैसे पोस्टर्स के जरिए भाजपा विधायक रणधीर सिंह, अमर कुमार बाउरी, मनीष जायसवाल, नवीन जायसवाल, भानु प्रताप शाही समेत अन्य विधायक धरना प्रदर्शन में शामिल थे. दरअसल बीजेपी कई मुद्दों को लेकर हेमंत सरकार पर आक्रामक है, सदन के अंदर और बाहर सरकार को घेरने के लिए सभी पैंतरा अपना रही है.