निवेशकों के 10 मिनट में ₹1,80,00,00,00,000 करोड़ स्वाहा !

निवेशकों के 10 मिनट में ₹1,80,00,00,00,000 करोड़ स्वाहा , संभलने का भी नहीं मिला मौका

 

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई बड़ी गिरावट से निवेशकों को तगड़ा नुक्सान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप (Mcap) गिरकर 3,86,01,961 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

IT और Metal इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट

 

गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी और मेटल इंडेक्स में देखने को मिल रहा है। निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) आज 5% से ज्यादा की गिरावट लेकर 31,307.95 पर खुला। शुक्रवार को यह 33,511.40 पर बंद हुआ था। इसके अलावा निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मेटल इंडेक्स आज 6% से ज्यादा गिरकर 7,691.00 पर ओपन हुआ। इसी के साथ निफ्टी मेटल इंडेक्स नए 52 वीक लो पर फिसल गया।

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एशिया के बाकी देशों में भी शेयर बाज़ार का हाल कुछ ऐसा ही रहा

 

जापान के निक्केई में 6.3 फ़ीसदी की गिरावट

हांग कांग के हेंग सेंग में 9.8 फ़ीसदी की गिरावट

मैनलैंड चाइना के शंघाई कंपोजिट में 6.6 फ़ीसदी की गिरावट

ऑस्ट्रेलिया के एएसएक्स 200 में 4.5 फ़ीसदी की गिरावट

दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में 4.4 फ़ीसदी की गिरावट

ताइवान के ताइएक्स में 9.6 फ़ीसदी की गिरावट

सिंगापुर के एसटीआई में 7.1 फ़ीसदी की गिरावट

अमेरिका के डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 2 फ़ीसदी की गिरावट

अमेरिका के आगे घुटनों पर आया वियतनाम, टैरिफ खत्म करने का दिया ऑफर; भारत से था कड़ा मुकाबला

 

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को दुनिया के कई देशों पर जवाबी टैरिफ का ऐलान कर दिया. जिसके बाद से ही पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. एशियाई मार्केट हो, चीनी मार्केट हो या फिर आस्ट्रेलिया का बाजार हो. सभी में गिरावट देखी जा रही है. भारतीय बाजार भी आज खुलते ही 3,000 अंक नीचे चला गया. इसी बीच दक्षिण-पूर्व एशियाई देश वियतनाम से एक खबर सामने आ रही है. अमेरिका ने वियतनाम पर 46 प्रतिशत के टैरिफ का ऐलान किया था, जिसके बाद अब वियतनाम ने अमेरिका को एक लेटर लिख कर वहां से आने वाले सामानों पर टैरिफ न लगाने का ऑफर दिया है.

: ट्रंप के खिलाफ हजारों की संख्या में सड़कों पर क्यों उतरी अमेरिकी जनता, ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के बाद सबसे बड़ा विद्रोह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद से ही पूरी दुनिया में हड़कंप मचा है. न सिर्फ दूसरे देश के लोग बल्कि अब तो अमेरिका के नागरिक और नेता भी ट्रंप के खिलाफ होते दिख रहे हैं. अमेरिका के 50 राज्यों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. लोग ट्रंप की टैरिफ नीति का विरोध करते हुए- ‘ट्रंप-मस्क गो बैक’ के नारे लगा रहे हैं।

ट्रंप के खिलाफ 1,200 से अधिक जगहों पर प्रदर्शन हुए. इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों को सड़कों पर देखा गया.  बीते पांच अप्रैल को ‘हैंड्स ऑफ’ प्रोटेस्ट प्रदर्शन शुरू हुआ था. यह विरोध प्रदर्शन ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ था. प्रदर्शन खासकर ट्रंप के छंटनी और सामूहिक डिपोर्टेशन की नीति के खिलाफ किया गया था. वाशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल से लेकर मैनहैटन और बॉस्टन तक प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को ट्रंप और मस्क के खिलाफ नारे लगाए।

रविवार को भी ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा. रविवार को 1400 से अधिक रैलियां प्रदर्शनकारियों ने निकाली. रविवार को होने वाले प्रोटेस्ट को हैंड्स-ऑन नाम दिया गया. इस रैली में शामिल होने के लिए 6 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. हैंड्स-ऑन का मतलब है- हमारे अधिकारों से दूर रहो।

ट्रंप के विरोध में देशभर की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपने  मुंह पर सांकेतिक पट्टी बांध रखी थी. वो सभी न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के अवतार में दिख रहे थे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप का शासन देश को एक खतरनाक दिशा में ले जा रहा है।