दुमका में निशिकांत दुबे का JMM पर हमला

दुमका में निशिकांत दुबे का JMM पर हमला, विकास, कोयला चोरी और SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

दुमका: गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने दुमका में राजनीतिक वर्चस्व और विकास के मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को निशाने पर लिया। रविवार को दुमका में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति का आधार जनता के बीच किए गए विकास कार्य होने चाहिए।

सांसद ने दुमका में एक ही परिवार के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक प्रभाव का सवाल उठाते हुए पूछा कि विकास के नाम पर ऐसा कौन-सा बड़ा काम हुआ है, जिसे जनता के सामने मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व से अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का पूरा विवरण जनता के सामने रखने की बात कही।

दुमका और गोड्डा की सड़क व्यवस्था पर तुलना

निशिकांत दुबे ने दुमका और गोड्डा लोकसभा क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि दुमका लोकसभा क्षेत्र से बाहर निकलते ही सड़कों की स्थिति में अंतर दिखाई देता है।

सांसद के अनुसार, दुमका लोकसभा क्षेत्र में कई जगह सड़कें खराब हैं, जबकि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की सीमा शुरू होने के बाद सड़क व्यवस्था बेहतर नजर आती है। उन्होंने विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने की बात कही।

कोयला चोरी और खनन कानून पर उठाए सवाल

खनन कानून में संशोधन के विरोध में झामुमो की ओर से प्रखंड मुख्यालयों पर आयोजित धरने को लेकर भी निशिकांत दुबे ने सवाल उठाए। कोयले से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समस्या कोयले की उपलब्धता नहीं, बल्कि चोरी की है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल झारखंड में ही कोयला मौजूद है। सांसद ने कहा कि आने वाले समय में कोयले पर निर्भरता कम होगी और इस विषय पर जनता को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने झारखंड सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि राज्य में कोयला बंद भी कर दिया जाए, तो भारत सरकार को इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। यह बयान उन्होंने कोयला आधारित राजनीति और खनन कानून के विरोध के संदर्भ में दिया।

SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने का लगाया आरोप

गोड्डा सांसद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की भूमिका की जांच की मांग की।

निशिकांत दुबे के अनुसार, मुख्य सचिव ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को बुलाकर SIR प्रक्रिया से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया। सांसद ने दावा किया कि इस दौरान स्कूली शिक्षा सचिव और रांची के उपायुक्त भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि SIR जैसी संवेदनशील निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। सांसद ने भारत निर्वाचन आयोग और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को झारखंड से बाहर रखा जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव परिणाम पर भी प्रतिक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत पर भी निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं।

सांसद ने छात्र राजनीति में युवाओं की भूमिका और उनके समर्थन को लेकर यह बयान दिया।

दुमका से दिल्ली और मुंबई के लिए ट्रेन सेवा का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निशिकांत दुबे ने दुमका से दिल्ली और मुंबई के लिए जल्द लंबी दूरी की ट्रेन सेवा शुरू होने की बात कही। हालांकि, उन्होंने ट्रेन सेवा शुरू होने की निश्चित तारीख, प्रस्तावित मार्ग और परिचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।

उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन को लेकर हाल में रेल मंत्री के समक्ष भी मांग रखी गई थी। ट्रेन सेवा को लेकर आगे रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेश मंडल, सुरेश मुर्मू, सीताराम पाठक सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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