बुंडू: तोरपा में ‘भुंगरू’ की अनोखी तकनीक से होगी खेती, जानें क्या है यह वैज्ञानिक विधि
- By admin --
- 23 Aug 2020 --
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तोरपा में मनरेगा आयुक्त पानी की खेती (भूंगरु) विधि का उद्घाटन किया
खूंटी जिले में पहला जल संचयन की व्यवस्था भूंगरु स्थापित की गयी
तोरपा के महिला विकास केंद्र में आज मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने पानी की खेती (भूंगरु) विधि का उद्घाटन किया। खूंटी जिले में यह पहला जल संचयन भूंगरु स्थापित स्थापित की गयी है।
जल संचयन के इस भूंगरु विधि से लगभग 20 एकड़ से ज्यादा की भूमि सिंचित की जा सकती है। साथ ही बारिश में होने वाले पानी का संचयन भी भूंगरु विधि से आसानी से किया जा सकता है।
बारिश के बाद होने वाले पानी की कमी को लेकर जिले में किया गया यह पहला प्रयास है। पानी की खेती जल संचयन का एक वैज्ञानिक विधि है इस विधि से आसपास के जल स्रोतों को रिचार्ज करने में इसकी भूमिका अहम होती है ।
वाटर रिचार्ज के माध्यम से गर्मी का मौसम के आने से पहले ही जल संकट की समस्या से निजात पाया जा सकता है। तोरपा में मनरेगा आयुक्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें गांव के विकास को प्राथमिकता देनी है ।
तकनीकी प्रशिक्षण देकर गांव के विकास को गति दी जा सकेगी
गांव का विकास होगा, तभी शहरों को भी जीवन मिलेगा। गांव के विकास के लिए गांव वालों को स्वयं आगे आकर पहल करनी होगी। साथ ही जो वैज्ञानिक तौर तरीके हैं, उसे भी ग्रामीणों तक पहुंचाना होगा और तकनीकी रूप से प्रशिक्षण देकर गांव के विकास को गति दी जा सकेगी।
फसलों के लिए पानी की समस्या दूर होगी
गांव में बनने वाले टीसीबी, मेड़बंदी से अब लोगों को फायदा पहुंचने लगा है। कम बारिश के समय खेत में लगे फसलों के लिए टीसीबी से पानी की समस्या दूर होगी और फसलों को टीसीबी, मेढ़बंदी के माध्यम से जलसंकट की समस्या दूर की जा सकेगी। कार्यक्रम में महिला विकास केंद्र की सिस्टर मारियालीना, सिस्टर चारुशीला समेत अन्य लोग उपस्थित थे।