रांचीः इतिहास में नहीं मिला झारखंड के सेनानियों को स्थान- कांग्रेस
- By admin --
- 30 Jun 2020 --
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अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक हूल दिवस पर आज राज्य भर में कई कार्यक्रम आयोजित अमर शहीदों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानों सहित सभी वीरों को शत-शत नमन किया जा रहा है। उसी के तहत कांग्रेस भवन में एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार पर रोशनी डालते हुए राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहाकि हूल दिवस महत्व हम आने वाले पीढ़ी को बताना जरुरी है, ताकि वे हमारी बीती हुई इतिहास को समझ सके। उन्होंने कहाकि भूतकाल को देखकर ही वर्तमान को बेहतर बनाया जा सकता है।
राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहाकि झारखंड का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है। यहां पर कई महान विभूति ने जन्म लिया और अंग्रेजी शासन के खिलाफ विरोध किया और अपनी अमिट छाप इतिहास के पन्ने में दर्ज करा गए,साथ उन्होंने संथाल परगना के बारे में भी बताया।
वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहाकि इतिहास में जिस प्रकार अन्य स्वतत्रंता सेनानियों को जगह मिला लेकिन झारखंड के स्वतत्रंता सेनानियों को वो स्थान नहीं मिल सका, जिसका वो हकदार थे। रानी लक्ष्मीबाई से कम फूलो-झानों का वीरता नहीं रहा..जिन्होंने अकेले ही 21 अंग्रेजो को मौत की घाट उतर दिया था
वहीं केन्द्र के पूर्व मंत्री सह रांची के पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय ने पीएम मोदी के मन बात को दोहराते हुए कहाकि देश का प्रधानमंत्री ने माना है कि आजादी से पहले देश का रक्षा शक्ति बहुत मजबूत थी.. जिस पर हमे मिलकर काम करना चाहिए।