चतरा: सरकारी निर्देश के बाद भी विद्यालय में झंडोत्तोलन नहीं हुआ, कार्रवाई की मांग

चतरा में सरकारी निर्देश के बाद भी शिक्षिका सह सचिव की लापरवाही के कारण विद्यालय में झंडोत्तोलन नहीं करने का मामला प्रकाश में आया है।

सदर प्रखंड के शेरपुर गांव के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में 15 अगस्त को झंडा नहीं फहराया गया। झंडा नहीं फहरने से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय के सचिव सविता कुमारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरुद्ध खोल दिया है।

नक्सली फरमान के बाद भी विद्यालय परिसर में झंडोतोलन करते थे ग्रामीण 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब इलाके में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का साम्राज्य चलता था, तब भी स्कूल में तिरंगा फहराया जाता था। ग्रामीण नक्सली फरमान के बाद भी विद्यालय परिसर में झंडोतोलन करते थे।

सचिव ने की लापरवाही

लेकिन इस बार विद्यालय सचिव की लापरवाही के कारण विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडोत्तोलन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने सचिव पर कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षक संजय प्रजापति ने बताया कि 15 अगस्त को बार-बार फोन करने के बाद भी सचिव फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझा और ना ही विद्यालय की  चाबी किसी से भिजवायी।

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने जांच रिपॉर्ट प्रस्तुत करने का दिया निर्देश

इधर ग्रामीणों के उग्र होने और मामला तूल पकड़ता देख प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने बीपीओ को जांच कर रिपॉर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

आरोपी शिक्षिका को बचाने का हो रहा प्रयास 

बावजूद आरोपी शिक्षिका को बचाने की कवायद बीपीओ द्वारा की जा रही है। इधर डीएसई जितेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षिका दोषी पायी गई तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि देश का अभिमान तिरंगे को तरजीह नहीं देने वाली सचिव पर जबतक कार्रवाई नहीं होगी. कोई शांत नहीं बैठेगा।