उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने हिंदी के महत्व पर दिया जोर

हिंदी दिवस पर रांची में भव्य कार्यक्रम, उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने हिंदी के महत्व पर दिया जोर

रांची: प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची की ओर से सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यालय सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी के महत्व, इसके प्रचार-प्रसार और बदलते तकनीकी दौर में हिंदी को विज्ञान, शोध, नवाचार और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने की। उन्होंने राजभाषा हिंदी के व्यापक इस्तेमाल के लिए अधिकारियों और कर्मियों को प्रेरित किया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और माल्यार्पण से हुई। इसके बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक, राजभाषा रविशंकर मिश्रा ने किया। उन्होंने स्वागत भाषण भी दिया। विशिष्ट अतिथि संजय कुमार भगत ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस दौरान हिंदी के संरक्षण, प्रचार और प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

‘कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को जोड़ती है हिंदी’

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने संबोधन में हिंदी को देश की एकता और भावनात्मक जुड़ाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है।

उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण की भाषा नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और भावात्मक एकजुटता को भी अभिव्यक्त करती है। उन्होंने सभी से हिंदी के व्यापक उपयोग और इसके विकास में योगदान देने की अपील की।

मातृभाषा में पढ़ाई से वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा

उपायुक्त ने मातृभाषा में अध्ययन-पठन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में अध्ययन से किशोरों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलता है।

एआई के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मौलिक सोच और भाषा की समृद्धि को बनाए रखना मौजूदा समय की चुनौती है। ऐसे में हिंदी को केवल साहित्य और संवाद तक सीमित रखने के बजाय इसे विज्ञान, नवाचार, शोध और रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने हिंदी को बदलते समय के अनुरूप विकसित करने और इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

कवि सम्मेलन में दस रचनाकारों ने किया काव्य पाठ

कार्यक्रम के दौरान कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसमें दस कवियों और रचनाकारों ने अपनी कविताओं का पाठ किया।

कवि सम्मेलन में डॉ. जंगबहादुर पाण्डेय, डॉ. राजश्री जयन्ती, डॉ. सुरिन्दर कौर ‘नीलम’, श्री नसीर अफसर, श्री नरेश कुमार बंका, श्रीमती शालिनी नायक, श्री सदानन्द सिंह यादव, श्री सूरज श्रीवास्तव, डॉ. रजनी शर्मा ‘चन्दा’ और डॉ. विनोद सिंह गहरवार ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े विभिन्न भावों को सामने रखा।

अधिकारियों और कर्मियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम का समापन दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची के आयुक्त के सचिव रविन्द्र कुमार गगराई के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, उप परिवहन आयुक्त सह सचिव क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार अजय कुमार रजक, उप निर्वाचन पदाधिकारी बिवेक सुमन समेत आयुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

आयोजकों के अनुसार, हिंदी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।