Dumri Project Girls High School: चार शिक्षकों के भरोसे 406 छात्राएं

Dumri Project Girls High School: चार शिक्षकों के भरोसे 406 छात्राएं, चार कमरों में चल रहा प्रोजेक्ट कन्या विद्यालय

Dumri Project Girls High School, डुमरी: जिस विद्यालय में छात्राओं के बेहतर भविष्य की नींव तैयार होनी चाहिए, वहां संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा बन रही है। डुमरी के प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में 406 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए प्रभारी प्राचार्य समेत केवल चार शिक्षक ही कार्यरत हैं।

विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए निजी ट्यूशन और कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।

चार कमरों में 406 छात्राओं की पढ़ाई

विद्यालय में छात्राओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। फिलहाल महज चार कमरों में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। कई बार एक ही कमरे में बड़ी संख्या में छात्राओं को बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।

इस वजह से छात्राओं को बैठने में परेशानी होती है और पढ़ाई के दौरान भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

समस्या इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि विद्यालय के चार कमरों में से एक में पुस्तकालय और दूसरे में लैब संचालित किया जा रहा है। ऐसे में नियमित कक्षाओं के लिए प्रभावी रूप से उपलब्ध कमरे और कम हो जाते हैं।

जर्जर भवन में नहीं चलती कक्षाएं

विद्यालय का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की स्थिति को देखते हुए उसमें छात्राओं की कक्षाएं संचालित नहीं की जाती हैं। फिलहाल इस भवन का इस्तेमाल कार्यालय के रूप में किया जा रहा है।

बरसात के दौरान जर्जर भवन की छत से पानी टपकने लगता है। इससे कार्यालय के कामकाज में भी परेशानी होती है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, पुराने भवन को तोड़ने का आदेश मिल चुका है।

विद्यालय में नए और पर्याप्त कक्षा-कक्षों की कमी के कारण मौजूदा कमरों में ही सभी कक्षाओं को संचालित करना पड़ रहा है।

टूटे शौचालय गेट और झाड़ियों से परेशानी

विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। छात्राओं के लिए बने शौचालय का गेट टूट चुका है। इसके अलावा विद्यालय परिसर के कई हिस्सों में झाड़ियां उग आयी हैं।

नियमित साफ-सफाई के अभाव में विद्यालय परिसर का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। विद्यालय से सटे कुछ घरों से स्कूल परिसर में कचरा फेंके जाने की शिकायत भी सामने आयी है।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से परिसर की साफ-सफाई का प्रयास किया जाता है, लेकिन आसपास के लोगों द्वारा कचरा फेंके जाने के कारण समस्या बनी हुई है। प्रबंधन की ओर से लोगों को कई बार स्कूल परिसर में कचरा नहीं फेंकने की हिदायत दी गयी है।

प्रभारी प्राचार्य ने बताई विद्यालय की समस्याएं

प्रभारी प्राचार्य गुरु गोविंद कुमार हांसदा ने बताया कि विद्यालय में 406 छात्राओं का नामांकन है और प्रभारी प्राचार्य समेत चार शिक्षक कार्यरत हैं। विषयवार शिक्षक नहीं होने के कारण छात्राओं को कई विषयों की पढ़ाई के लिए ट्यूशन और कोचिंग पर निर्भर रहना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में केवल चार कमरे हैं। इनमें एक में पुस्तकालय और दूसरे में लैब संचालित होने के कारण कक्षाओं के संचालन में परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि पुराना भवन जर्जर होने के कारण उसमें कक्षाएं नहीं चलायी जाती हैं। बरसात में भवन से पानी भी टपकता है। पुराने भवन को तोड़ने का आदेश मिल चुका है।

प्रभारी प्राचार्य के अनुसार, शौचालय का कुछ गेट टूट गया है और विद्यालय परिसर में झाड़ियों तथा कचरे की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की इन समस्याओं का समाधान जरूरी है, ताकि छात्राओं को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिल सके।

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