Tata Sons: एन. चंद्रशेखरन की फिर ताजपोशी, 5 साल के लिए बढ़ा कार्यकाल; नोएल टाटा ने किया विरोध
- By rakesh --
- 17 Sep 2026 --
- comments are disable
जमशेदपुर: टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को एक बार फिर पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को बहुमत से उनके पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी दी। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। नए फैसले के बाद वे इसके बाद पांच साल तक पद पर बने रह सकेंगे।
हालांकि, यह फैसला सर्वसम्मत नहीं था। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया। इस घटनाक्रम ने टाटा संस के बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद को फिर सामने ला दिया है।
एक महीने पहले चंद्रशेखरन ने नहीं मांगा था नया कार्यकाल
चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब एक महीने पहले उन्होंने खुद मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए खुद को पेश नहीं करने की बात कही थी।
12 अगस्त 2026 को उन्होंने बोर्ड को पत्र लिखकर कहा था कि वे 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए कार्यकाल की पेशकश नहीं करेंगे। इसके बाद टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया था।
अब टाटा संस के बोर्ड की ओर से दोबारा विचार करने का आग्रह किए जाने के बाद चंद्रशेखरन ने अपना फैसला बदल दिया। कंपनी के मुताबिक, बोर्ड की अपील पर उन्होंने पुनर्विचार के लिए सहमति दी और इसके बाद बोर्ड ने बहुमत से पांच साल के नए कार्यकाल को मंजूरी दी।
नोएल टाटा ने क्यों जताई असहमति?
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया। उनके मुताबिक, चंद्रशेखरन का दोबारा कार्यकाल नहीं लेने का फैसला पहले ही स्पष्ट रूप से सामने आ चुका था और ट्रस्ट्स ने उस स्थिति को स्वीकार करते हुए आगे की प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स ने पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया और इसकी वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में बोर्ड के फैसले के बाद टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच शासन और नेतृत्व से जुड़े मतभेद का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है।
बोर्ड ने बहुमत से लिया फैसला
टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन के पांच साल के नए कार्यकाल को बहुमत से मंजूरी दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नोएल टाटा इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने वाले ट्रस्ट्स प्रतिनिधि रहे।
इस घटनाक्रम के साथ चंद्रशेखरन के नेतृत्व की निरंतरता को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट हो गई है, लेकिन टाटा ट्रस्ट्स की आपत्ति के कारण आगे शेयरधारकों की बैठक और कंपनी के शासन से जुड़े मुद्दों पर भी नजर रहेगी।
टाटा संस के सामने आगे कई अहम मुद्दे
चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब टाटा संस के सामने नियामकीय अनुपालन और कंपनी की लिस्टिंग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे भी हैं। बोर्ड ने RBI की लिस्टिंग संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ने का फैसला भी किया है।
टाटा संस के बोर्ड के फैसले के बाद अब चंद्रशेखरन का नया कार्यकाल फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद शुरू होगा। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स की आपत्ति के कारण इस नियुक्ति से जुड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस और शेयरधारक स्तर के घटनाक्रम आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
यह भी पढ़ें: Hazaribagh Cyber Crime: Tata Power EV Charging Station की फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी, 5 गिरफ्तार