नाव की तरह डोली ऊंची-ऊंची बिल्डिंग’, भूकंप से हिला म्यांमार

नाव की तरह डोली ऊंची-ऊंची बिल्डिंग’, 7.7 तीव्रता के तेज भूकंप से हिला म्यांमार, थाइलैंड में भी झटके

भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक भूकंप का एपिसेंटर म्यांमार के साउदर्न कोस्ट के सागाइंग के पास था. भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के GFZ भूविज्ञान केंद्र ने कहा कि दोपहर का भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर था. इसी वजह से भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया है. भूकंप की वजह से थाईलैंड और म्यांमार के पूलों से पानी बहने लगा. वहीं कई बिल्डिंग के नष्ट होने की बात कही गई है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घबराए हुए निवासियों को घनी आबादी वाले सेंट्रल बैंकॉक में ऊंची इमारतों वाले कॉन्डोमिनियम और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतारा गया. लोगों को हताहत से बचने के लिए सड़कों पर ही रहने के लिए कहा गया.

6 दिन बाद थाईलैंड में बिम्सटेक का आयोजन होना है. इसके लिए बिम्सटेक के सदस्य थाईलैंड जाएंगे. 3 से लेकर 6 अप्रैल तक थाईलैंड में बिम्सटेक सम्मिट प्रस्तावित है. इस बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जाएंगे.
भारत के भी कई राज्यों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.2 मापी गई नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र म्यांमार के सागाइंग में पृथ्वी के 10 किलोमीटर गहराई में था. इसके झटके पूर्वोत्तर भारत के राज्यों मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में महसूस किए गए. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. हालांकि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के अलावा उत्तर के राज्यों में भूकंप के झटके लगे या नहीं, इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR Earthquake) में भूकंप (Delhi Me Bhukamp) के तेज झटके महसूस किए गए. शुक्रवार को आए इन झटकों से लोग दहशत में आ गए. लोग घरों और ऑफिसों से बाहर निकल आए. भूकंप का केंद्र म्यांमार बताया जा रहा है. अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.