झारखंड में पेंशनरों के लिए वृद्धाश्रम और पेंशन अदालत बनाने की मांग
- By rakesh --
- 26 Oct 2026 --
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गढ़वा। झारखंड पेंशनर्स कल्याण समाज, रांची के निदेशक मंडल की बैठक में गढ़वा जिले के पदाधिकारियों ने पेंशनरों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी समस्याओं को उठाया। जिला पेंशनर्स कल्याण समाज के अध्यक्ष केके यादव ने पेंशनरों के लिए भवन निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने, हर जिले में वृद्धाश्रम स्थापित करने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए पेंशन अदालत गठित करने की मांग रखी।
बैठक में पेंशनरों की लंबित समस्याओं, बीमा योजना में सुधार और महंगाई भत्ते से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। केके यादव ने बताया कि गढ़वा जिले में पेंशनरों की अधिकांश समस्याओं का समाधान हो चुका है। शेष समस्याओं के निराकरण के लिए उपायुक्त को मांग पत्र भेजा गया है।
पेंशनरों के भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग
जिला पेंशनर्स कल्याण समाज के अध्यक्ष केके यादव ने पेंशनरों के लिए एक भवन निर्माण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि पेंशनर एक स्थान पर एकत्र होकर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकें और संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासनिक प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
हर जिले में वृद्धाश्रम और पेंशन अदालत बनाने की मांग
बैठक में प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों के लिए वृद्धाश्रम स्थापित करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही पेंशन संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पेंशन अदालत गठित करने और शिकायत कोषांग खोलने का आग्रह किया गया।
केके यादव ने मांग की कि पेंशन अदालत में महालेखाकार के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि पेंशन से जुड़े मामलों के समाधान में संबंधित पक्षों की भागीदारी हो सके। उन्होंने पेंशनरों की शिकायतों की निगरानी और समयबद्ध समाधान के लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने की भी मांग रखी।
पेंशनरों की बीमा योजना में सुधार पर जोर
केके यादव ने पेंशनरों के लिए लागू बीमा योजना में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशनरों के लिए भी प्रीमियम कटौती की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
उनका कहना था कि बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पेंशनरों को जरूरत के समय बेहतर सुरक्षा और सुविधा मिल सके। बीमा योजना में सुधार से संबंधित मांग को लागू करने के लिए नीतिगत स्तर पर निर्णय की आवश्यकता होगी।
मूल पेंशन में 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता जोड़ने की मांग
बैठक में महंगाई भत्ते और पेंशन से जुड़े आर्थिक मुद्दे भी उठाए गए। केके यादव ने केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ते की घोषणा नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने तक महंगाई भत्ते की 50 प्रतिशत राशि को मूल पेंशन में जोड़ने पर विचार किया जाए।
यह पेंशनरों की ओर से रखी गई मांग है। इसके लागू होने के लिए संबंधित सरकार और सक्षम प्राधिकरण का निर्णय आवश्यक होगा।
प्रत्येक थाने में वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के समाधान की व्यवस्था हो
केके यादव ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक थाने में नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए उचित सहायता मिलनी चाहिए।
बैठक में उठाई गई मांगों का उद्देश्य पेंशनरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी शिकायतों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता व्यवस्था को मजबूत करना है। अब इन मांगों पर संबंधित प्रशासनिक और सरकारी स्तर पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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