देवघर : जसीडीह थाना पुलिस की बर्बरता, नाबालिग को बेरहमी से पीटा, करंट भी लगाया

जब किसी के साथ ज्यादती हो जाए, तो अंतिम सहारा कानून का होता है. शायद इस उम्मीद में कि उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन जब कानून के रहनुमा ही कानून को अपने हाथ में लेकर एक नाबालिग की पिटाई कर दे, तो सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है.

देवघर के जसीडीह थाना में भी एक ऐसी ही घटना घटी,  वह पुलिसिया सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. दरअसल जसीडीह पुलिस ने 1 जुलाई को तुलसी टांड गांव के समीप दुमका जिले के सरैयाहाट निवासी राहुल कुमार के साथ छिनतई की घटना का अनुसंधान कर रही थी.  इसी में पता चला कि जमुई जिले के चंद्र मंडी थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी फुलेश्वर यादव के पास घटना में शामिल मोबाइल सिम मौजूद है.

छठी क्लास में पढ़ता है नाबालिग

जिसे पुलिस ने बरामद भी कर लिया. पूछताछ की गई तो फुलेश्वर ने अपने छोटे नाबालिग भाई का नाम बताया और कहा कि सिम का इस्तेमाल के बारे में उसी को पता है. फिर क्या था, जसीडीह थाना पुलिस ने उस नाबालिग छात्र जो कि छठी क्लास में पढ़ता था, को थाने ले आई. लेकिन कुछ देर बाद ही परिजनों को पता चला कि उसे पहले जसीडीह केस सीएचसी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है और उसके बाद आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया .

पिटाई के बाद करंट भी लगाया गया : परिजन

परिजनों का कहना है कि इसके नाबालिग बेटे  के साथ पुलिस ने टॉर्चर किया है, इसे बांधा गया और पिटाई के बाद इसे करंट भी लगाया गया है जिससे यह बेहोश हो गया. नाबालिग छात्र का कहना है कि उसे जसीडीह थाना के ऊपरी मंजिल पर ले जाया गया और वहां पूछताछ के दरमियान इसके हाथ पैर बांधे गए और करंट भी लगाया गया, जबकि इस बाबत जसीडीह थाना पुलिस के बड़े अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं.

पूछताछ के नाम पर किया प्रताड़ित

लेकिन परिजनों  का कहना है कि  पूछताछ करने के बहाने  नाबालिग को परेशान किया और इसे प्रताड़ित किया. हालांकि ऑफ द रिकॉर्ड जसीडीह थाना पुलिस का कहना है कि चौकी से गिरकर इसके सिर पर चोट लगी है.फिलहाल बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अपने घर पर है.