रांची। इजाजत के बिना झारखँड में अब नहीं जांच कर पाएगी सीबीआई

रांची : झारखंड में अब राज्य सरकार के इजाजत के बिना किसी तरह की जांच सीबीआई अब नहीं कर पाएगी। राज्य सरकार के गृह, रा एवं आपदा विभाग की तरफ से इसकी अधइसूचना जारी कर दी गई है। इसके बाद राज्य के सियासी हलकों में कई तरह की चर्चा होने लगी है। कई राज्यों की सरकारों की तरफ से इस तरह की रोक पहले भी लगा दी गई है।

इस तरह झारखंड 8वां राज्य बन गया है, जहां सीबीआइ को सरकार की अनुमति के बगैर किसी मामले की जांच करने का अधिकार नहीं होगा. अब सीबीआइ को झारखंड में कोई मामला दर्ज करने के लिए पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी। हाल के दिनों में कई गैर-भाजपा शासित प्रदेशों ने ऐसा फैसला लिया है. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने भी सहमति वापस ले ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया।

पश्चिम बंगाल, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, केरल और छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड सरकार ने भी राज्य में जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दी गयी आम सहमति वापस ले ली है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है. इस संबंध में गुरुवार (5 नवंबर, 2020) को अधिसूचना जारी कर दी गयी।

झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना (पत्रांक- 10/सीबीआइ-408/2020-4278) जारी करते हुए कहा कि दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के सदस्यों को एक कानून (दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेबलिशमेंट एक्ट 1946 (25 ऑफ 1946) के तहत राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल की सहमति को वापस लेने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया है।

इसके बाद सीबीआइ को अब झारखंड में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल के लिए आम सहमति नहीं होगी, जो झारखंड सरकार (तत्कालीन बिहार) द्वारा 19 फरवरी, 1996 को जारी एक आदेश के तहत दी गयी थी. अब सीबीआइ को किसी भी मामले की जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।