रांचीः बीजेपी के नई कार्यसमिति के गठन से मिला महागठबंधन को मुद्दा
- By admin --
- 07 Jul 2020 --
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संथालपरगना से एक भी आदिवासी चेहरा पार्टी में नहीं है शामिल
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बीजेपी ने कहा इसकी भरपाई आनेवाले समय में होगी
बीजेपी ने कहा इसकी भरपाई आनेवाले समय में होगी झारखंड में बीजेपी ने नई कार्यसमिति का गठन तो कर लिया गया, लेकिन इसके साथ कई सवाल भी खड़े होने लगे। अमूमन राज्य में सरकार बनाने में अहम भूमिका अदा करनेवाला संथालपरगना से एक भी आदिवासी को इस नई कार्यसमिति में शामिल नहीं किया गया है।
संथाल परगना के नेता पर नये कमेटी ने लगाया ग्रहण
लिहाजा यह मुद्दा पार्टी में तुल पकड़ रहा है। राज्य में सरकार चला रही पार्टी भी इसे मुद्दा बनाकर उस क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुट गई है। लंबे इंतजार के बाद जब बीजेपी की नई कमेटी का गठना हुआ,तो पार्टी में खुशी की लहर दिखाई पड़ी, लेकिन आदिवासी बहुल इलाका संथाल परगना से एक भी आदिवासी चेहरा दिखाई नहीं देने पर पार्टी के लोगों में थोड़ी नाराजगी दिखाई जरुर दे रही है।
आनेवाले समय में होगी भरपाई
जब इसकी भनक जैसे ही सरकार की सहयोगी पार्टी कांग्रेस को लगी तो इसे मुददा बनाते हुए तपाक से लपक लिया। इधर बीजेपी के नेताओं को जब इस बात का आभास हुआ कि संथाल जैसे आदिवासी बहुल इलाके से पार्टी में सक्रिय रुप से एक भी चेहरे को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, तब जाकर इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि संथाल जैसे इलाके से पार्टी के नेताओं की इस कमी को आनेवाले समय में भरपाई की जाएगी।
संथाल की भूमिका अहम
राज्य में सरकार बनाने और बिगाड़ने के खेल में हमेशा से संथाल की भूमिका अहम मानी जाती रही है। हर राजनीतिक पार्टी अपनी जमीन इस इलाके में लगातार मजबूत करने की कोशिश करती रही है। लेकिन इस बार बीजेपी ने अपनी नई कमेटी में संथाल की उपेक्षा की है। ऐसे में उनकी पार्टी के नेताओं के साथ-साथ विरोधी खेमे में भी हचलल है। जिसका असर आनेवाले समय में देखने को मिल सकता है।