30 लाख का इनामी TSPC सुप्रीमो बृजेश गंझू वाराणसी में ढेर, UP ATS के साथ मुठभेड़ में मारा गया
- By rakesh --
- 21 Sep 2026 --
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झारखंड/वाराणसी: प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने वाराणसी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कई मामलों में वांटेड बताया जा रहा था.
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ रविवार सुबह वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुई. कार्रवाई के दौरान बृजेश के एक सहयोगी के मौके से फरार होने की भी जानकारी सामने आई है.
रामनगर में पुलिस टीम पर फायरिंग का दावा
यूपी पुलिस के मुताबिक, एटीएस को सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू अपने एक सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से मुगलसराय की ओर जा रहा है. सूचना के आधार पर टीम ने रामनगर क्षेत्र में घेराबंदी की.
पुलिस का दावा है कि टीम ने बाइक सवार संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान बृजेश ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान डीएसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं, लेकिन दोनों सुरक्षित रहे.
30 लाख रुपये का था इनाम
बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार और एनआईए की ओर से संयुक्त रूप से 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और एनआईए की ओर से पांच लाख रुपये का इनाम शामिल था.
वह झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुटू गांव का रहने वाला बताया गया है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं. उसके खिलाफ हत्या, वसूली, अपहरण, पुलिस पर हमले, अवैध हथियार और विस्फोटक अधिनियम सहित कई गंभीर मामलों का उल्लेख सामने आया है.
NIA के टेरर फंडिंग मामलों में था वांटेड
बृजेश गंझू का नाम नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में सामने आया था. वह TSPC का प्रमुख कमांडर था और उसके खिलाफ एनआईए से जुड़े मामलों में भी जांच चल रही थी.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे. इनमें कथित तौर पर कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों से वसूली तथा हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं.
पुलिस और जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गये आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है.
हथियार और कारतूस बरामद
यूपी पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गये. बरामदगी में दो पिस्टल और एक कार्बाइन सहित अन्य सामग्री का उल्लेख किया गया है.
पुलिस अब बृजेश गंझू के फरार सहयोगी की तलाश कर रही है. साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह वाराणसी में किस उद्देश्य से पहुंचा था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय थे.
झारखंड पुलिस ने भी की पुष्टि
झारखंड पुलिस ने भी बृजेश गंझू के वाराणसी में मारे जाने की पुष्टि की है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था.
बृजेश गंझू की मौत को TSPC के नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. हालांकि, संगठन की गतिविधियों और उसके सहयोगियों को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल आगे जारी है.
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