झारखंड में योजनाओं के लिए निर्धारित राशि उपलब्ध कराए केंद्र : योगेन्द्र

नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मिले झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो

दिल्ली/रांची : दिल्ली स्थित जल शक्ति मंत्रालय में मंगलवार को झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता सह उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से औपचारिक मुलाक़ात की। इस बैठक में राज्य में चल रही नल-जल योजना की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई।

नल-जल योजना पर हुई विस्तृत चर्चा

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य में चल रही नल-जल योजना को सफल और समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए केंद्रांश की लंबित राशि को अविलंब विमुक्त करने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि समय पर राशि उपलब्ध होने से योजनाओं की गति तेज होगी और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों के लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल का लाभ मिल सकेगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना केवल पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जन-स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार की संभावना है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता

मंत्री योगेन्द प्रसाद ने रेखांकित किया कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में सरकार लगातार निवेश और नवाचार कर रही है, ताकि गाँव और शहर दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार से समयबद्ध सहयोग मिलने पर राज्य में जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे लोगों तक पहुँचाया जा सकेगा।

केंद्र सरकार का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने झारखंड सरकार की चिंताओं को गंभीरता से सुना और राज्य के हित में शीघ्र राशि विमुक्त करने का आश्वासन दिया।उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जल जीवन मिशन और अन्य संबंधित योजनाओं के सफल कार्यान्वयन में केंद्र सरकार झारखंड को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

अधिकारियों की उपस्थिति
इस बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के साथ :

*जल जीवन मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक रमेश घोलप,

*स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन निदेशक,

*इंजीनियर-इन-चीफ, चीफ इंजीनियर तथा कई विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।