रांची : नजर नहीं आया चांद, एक अगस्त को मनेगा बकरीद का त्योहार

ईद-उल-अजहा यानि बकरीद का चांद मंगलवार को नजर नहीं आया। इस वजह से अब बकरीद का त्योहार एक अगस्त को मनाया जाएगा। 23 जुलाई दिन गुरुवार को जिलहिज्ज महीने की एक तारीख होगी। इसका एलान इमारत-ए-शरिया के दारुल कजा के काजी शरीअत मोहम्मद अनवर कासमी ने किया है।

कुर्बानी के जज्बे के साथ ईद-उल-अजहा का पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर  कई इलाकों में बकरों का बाजार सजा रहा। मंडी में सुबह से लेकर देर शाम तक भीड़ लगी रही। त्योहार को देखते हुए व्यापारियों ने बकरों का मनमाना दाम वसूला।

इस बार कोरोना महामारी के चलते बाहर से कम बकरे आए हैं। ग्रामीण इलाकों से भी बकरे नहीं आ पा रहे हैं। इस वजह से बकरों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

इस साल कम कीमत का बकरा 10-12 हजार से ही शुरु होती है। इसलिए, इस साल बकरों की खरीद सबके बस की बात नहीं है। गौरतलब है कि ईद-उल-अजहा का त्योहार कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है। काजी मोहम्मद अनवर कासमी ने बताया कि इस दिन बकरों की कुर्बानी देकर मुसलमान नबी हजरत इस्माइल की कुर्बानी की याद मनाते हैं।