झारखंड की बेटी शिवानी शर्मा ने मुंबई में लॉन्च की शिवानीशर्मा फाउंडेशन
- By rakesh --
- 10 Aug 2026 --
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शिवानी शर्मा ने की शिवानीशर्मा फाउंडेशन की शुरुआत, मुंबई में 50 बच्चों को मिला लैपटॉप, अब रांची की बारी
झारखंड की बेटी शिवानी शर्मा ने मुंबई में लॉन्च की शिवानीशर्मा फाउंडेशन
हर बड़ा बदलाव एक बड़े कदम से नहीं… बल्कि एक छोटे से कदम से शुरू होता है और जब वही छोटा कदम किसी बच्चे के हाथ में शिक्षा का साधन बन जाए, किसी महिला के भीतर आत्मविश्वास जगाए और किसी कौशल के जीवन में उम्मीद की रोशनी लेकर आए… तो उसका असर सिर्फ एक व्यक्ति तक नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज तक पहुंचता है।
मुंबई में 9 अगस्त को कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय सिनेमा, फैशन और उद्यमिता की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकीं अभिनेत्री और झारखंड की बेटी शिवानी शर्मा ने अपने नए सामाजिक अभियान की शुरुआत की। उन्होंने आधिकारिक तौर पर शिवानीशर्मा फाउंडेशन की लॉन्चिंग की। इस फाउंडेशन का मूल मंत्र है—“छोटा कदम, बड़ा प्रभाव” यानी छोटा कदम, बड़ा बदलाव।
शिवानी शर्मा का यह कदम इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने अपनी पहचान और अपने अनुभव को अब समाज के उन लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया है, जिन्हें अवसर और जिम्मेदारियों की सबसे ज्यादा जरूरत है। फाउंडेशन का फोकस महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, मानवीय सहायता, खेल, ग्रामीण विकास और सामुदायिक कल्याण जैसे क्षेत्रों पर रहेगा।
फाउंडेशन की शुरुआत सिर्फ मंच पर भाषणों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रही। लॉन्च कार्यक्रम के दौरान 50 बच्चों को लैपटॉप और स्पोर्ट्सवियर वितरित किए गए। इन लैपटॉप के माध्यम से बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और उन्हें नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की कोशिश की गई।
क्योंकि आज के दौर में शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। डिजिटल दुनिया तक पहुंच भी शिक्षा और रोजगार के नए दरवाजे खोलती है। किसी बच्चे के हाथ में दिया गया एक लैपटॉप उसके लिए सिर्फ एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं… बल्कि सीखना, सपना देखना और अपने भविष्य को खुद बनाने का एक जरिया बन सकता है।
फाउंडेशन का कामकाज है कि असमानता कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे बदला नहीं जा सकता। अगर समाज, संस्थाएं और लोग मिलकर काम करें, तो बदलाव संभव है। इसी सोच के तहत फाउंडेशन बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर महिलाओं के आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण तक कई क्षेत्रों में काम करने की तैयारी कर रहा है।
फाउंडेशन की सेवाओं में बाल सशक्तीकरण, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास के लिए खेल, ग्रामीण परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, शहरी नवीनीकरण, कला, संस्कृति और विरासत और पर्यावरण और पशु कल्याण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
शिवानी शर्मा का कहना है कि वह चाहती हैं कि हर लड़की अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखे, हर महिला अपने अधिकार और अपनी क्षमता को पहचाने और हर बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।
मुंबई में हुए लॉन्च कार्यक्रम में प्रतिनिधियों, सामाजिक दायित्वों, उद्यमियों और सामुदायिक नेताओं की मौजूदगी ने इस पहल को और खास बनाया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, सांसद संजय दीना पाटिल, माहिम दरगाह और हाजी अली दरगाह के मैनेजमेंट ट्रस्टी सुहैल खंडवानी, OOJ फाउंडेशन के संस्थापक योगी प्रियव्रत अनीमेष, शिवानीशर्मा फाउंडेशन की संस्थापक शिवानी शर्मा, समाज सेवक रत्ना भूषण, माननीय अमित तिवारी यूथ लीडर – उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता, माननीय सुनील अहीर – पूर्व कॉर्पोरेटर BMC, माननीय मनीषा तुपे – ट्रस्टी, श्री सिद्धिनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट, मैत्री फाउंडेशन की संस्थापक ऐश्वर्या संगीता सचिन अहीर और युवा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता अमित तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
लेकिन शिवानी शर्मा के लिए यह सिर्फ मुंबई तक सीमित पहल नहीं है।
फाउंडेशन का अगला बड़ा पड़ाव झारखंड है। रांची में जल्द ही फाउंडेशन के कार्यक्रम के जरिए अपनी पहुंच को और विस्तार देने की तैयारी है। आयोजकों के मुताबिक रांची में होने वाले कार्यक्रम में 500 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
झारखंड की बेटी होने के नाते शिवानी शर्मा के लिए रांची से जुड़ना सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और अपने राज्य के लोगों के लिए कुछ करने की भावना भी है।
आज जब सफलता को अक्सर नाम, पैसा और शोहरत से मापा जाता है, शिवानी शर्मा ने सफलता की एक अलग परिभाषा सामने रखने की कोशिश की है।
किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना…
किसी लड़की को उसके सपनों के लिए हिम्मत देना…
किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाना…
और किसी युवा को उसके भविष्य के लिए एक मौका देना…
शायद यही असली सफलता है।
ShivaniSharma Foundation की यह शुरुआत अभी एक छोटा कदम है। लेकिन अगर इस छोटे कदम से कई बच्चों को शिक्षा, कई महिलाओं को आत्मनिर्भरता और कई परिवारों को उम्मीद मिलती है, तो यही कदम आने वाले समय में बड़े बदलाव की वजह बन सकता है।
यह सिर्फ एक फाउंडेशन की शुरुआत नहीं…बल्कि उन सपनों को पंख देने की कोशिश है, जिन्हें अक्सर संसाधनों की कमी की वजह से उड़ान नहीं मिल पाती।