भारत निर्वाचन आयोग व राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन

राष्ट्रीय घोषणा 2026

भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन

ई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन 2026 संपन्न

राज्य चुनाव आयुक्तों ने कानूनी ढांचे के तहत मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन में सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया

===================

भारत निर्वाचन आयोग ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया।

इस गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने की। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित थे।

अपने उद्घाटन भाषण में, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने-अपने संवैधानिक जनादेश के भीतर ईसीआई और एसईसी के बीच संस्थागत समन्वय को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने मतदाता सूची प्रबंधन में सामंजस्यपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने, प्रौद्योगिकी के उपयोग और देश में चुनावी प्रक्रियाओं की अखंडता और दक्षता को और बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया।

चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू ने अपने संबोधन में राज्य चुनाव आयुक्तों से एक-दूसरे से सीखने और एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, उन्होंने रेखांकित किया कि ‘विश्वास’ हर चुनावी प्रक्रिया की नींव है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि ईसीआई और एसईसी समन्वय के साथ काम करें।

डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग के महत्व पर बोलते हुए, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने ईसीआई और राज्य चुनाव आयोगों के कामकाज के बीच सेतु बनाने के लिए ‘ECINET’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने पर जोर दिया।

सम्मेलन ने विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान किया और चुनावी प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत किया। प्रतिभागियों ने ‘राष्ट्रीय घोषणा पत्र’ को अपनाया और संकल्प लिया कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की आधारशिला है। घोषणा पत्र में यह भी कहा गया है कि ईसीआई पंचायतों और नगर निकायों से संबंधित कानूनों को संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनावों से संबंधित कानूनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए एसईसी के साथ मिलकर काम करेगा और राष्ट्रीय एवं संवैधानिक हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा।

(संयुक्त घोषणा पत्र का पूरा पाठ संलग्न है)
सम्मेलन के दौरान, ईसीआई के नए प्रकाशन ‘अ कॉन्फ्लुएंस ऑफ डेमोक्रेसीज’ (A Confluence of Democracies) का विमोचन किया गया। यह प्रकाशन हाल ही में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट’ (IICDEM) 2026 का एक व्यापक रिकॉर्ड है, जिसमें 70 से अधिक देशों के लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी, 36 विषयगत सत्रों और द्विपक्षीय बैठकों में हुए विचार-विमर्श और ‘दिल्ली घोषणा 2026’ को औपचारिक रूप से अपनाने का विवरण दिया गया है।

यह राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन, जो 27 वर्षों के अंतराल के बाद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, ईवीएम (EVM), ECINET जैसे तकनीकी समाधानों और मतदाता सूचियों को साझा करने के माध्यम से आपसी तालमेल बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

1. शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र का मूल आधार है और कुशल और पारदर्शी तरीके से चुनावों का संचालन लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
2. राष्ट्रीय और संवैधानिक हितों में, भारत निर्वाचन आयोग ने सुझाव दिया कि ECINET, EVMs, मतदाता सूची और IIIDEM की विश्व स्तरीय अवंसरचना (Infrastructure) को साझा करने के साथ-साथ सभी संभावित चुनावी प्रकियाओं के लिए देश भर के सभी SECs के साथ तालमेल स्थापित करके परस्पर स्वीकार्य व्यवस्था और कानूनी रूप से व्यवहारिक ढांचे पर काम किया जाए।
3. भारत निर्वाचन आयोग और SECs पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों से जुडे कानूनों तथा संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनावों से जुडे कानूनों के बीच तालमेल बैठाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
4. भारत निर्वाचन आयोग ने SECs से आयोग के अंतरराष्ट्रीय क्रियाकलापों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया और यह प्रस्ताव भी रखा कि आयोग के साथ इस प्रकार के राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन प्रत्येक वर्ष एक बार आयोजित किए जाएं जो विशेष रूप से भारत निर्वाचन आयोग की अध्यक्षता में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के साथ-साथ हों।
5. भारत निर्वाचन आयोग के संबंधित DECs के नेतृत्व में कानूनी और तकनीकी अधिकारियों की एक संयुक्त टीम इस राष्ट्रीय राउंड टेबल सम्मेलन में SECs द्वारा दिये गए सभी सुझावों का विस्तृत अध्ययन करेगी। राष्ट्रहित में सर्वोपरि निर्णय लेने के लिए अगले तीन महीनों में राज्य/संघ राज्य-क्षेत्रों के अनुरूप भावी दिशा तय करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।