धनबाद: सुशांत सिंह राजपूत बनने पर मजबूर न किया जाए- शिक्षक

  • कोचिंग संस्थान खोलने की मांग को लेकर विरोध

  • 5000 से ज्यादा शिक्षकों के परिवार कोचिंग संस्थान पर निर्भर

वैश्विक महामारी में बंद पड़े कोचिंग सेंटर को लेकर प्राइवेट कोचिंग संचालकों ने मंगलवार को सिटी सेंटर से रणधीर वर्मा चौक तक सब्जी व फल बेचकर सरकार की नीतियों का विरोध किया।

इस दौरान तख्तियों पर साफ-साफ लिख कर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। उन तख्तियों पर लिखा था कि ‘हमे सुशांत सिंह राजपूत बनने पर मजबूर न किया जाए।‘ उन्होंने कहा कि आज कोचिंग सेंटर्स की ये हालत हो गई है कि मजबूर हो कर सब्जियां बेचनी पड़ रही है।

वहीं कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि धनबाद जिले में करीब 1000 कोचिंग सेंटर्स हैं, जिसके माध्यम से तकरीबन 5000 से ज्यादा शिक्षकों के परिवार अपने भरण-पोषण के लिए निर्भर हैं। पर सरकार व्यवसाय को पूरी तरह से ठप्प कर चुकी है। सभी चीजों को खोल दिया गया है, पर कोचिंग सेन्टर्स को अब अभी सरकार ने खोलने की अनुमति नहीं दी है।

मनोज सिंह ने कहा कि क्या सिर्फ कोचिंग सेंटर्स से ही कोरोना फैल सकता है ? या तो सरकार कोचिंग सेन्टर्स को खोले या सब कुछ बन्द कर दे।