राशनकार्डधारियों को पेट्रोल-डीजल पर ₹250 की छूट, एक अपरिपक्व निर्णय-सुदेश

• महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार दिखावे की जगह करे ईमानदार प्रयास : सुदेश कुमार महतो

रांची। झारखण्ड में खाद्य तेलों की कीमतों के साथ-साथ दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमत आसमान छू रहे हैं। आमजन के घर का बजट बिगड़ रहा है। महंगाई पर लगाम लगाने के बजाय वर्तमान सरकार इवेंट मैनेजमेंट कर, जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही।

झारखंड सरकार द्वारा राशनकार्डधारियों को पेट्रोल-डीजल पर ₹250 की छूट, एक अपरिपक्व घोषणा के अलावा और कुछ नहीं। आजसू पार्टी द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की मांग, रोजमर्रे की सामानों की ढुलाई खर्च को कम करके बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए थी। लेकिन इसके विपरीत सरकार ने “आंकड़ों की बाजीगरी और शब्दों के मायाजाल” से जनता को छलने का काम किया है। सरकार दिखावे की जगह ईमानदार प्रयास करे।

• योजना की प्रक्रिया जटिल, मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जानकारी नहीं

पेट्रोल सब्सिडी योजना एक इवेंट मैनेजमेंट कार्यक्रम के समान प्रतीत होती है। इसका लाभ लेने के लिए लाभुकों को एक लंबी एवं जटिल प्रक्रिया से जाना होगा। अब तक इस योजना की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की पुख्ता जानकारी नहीं दी गयी है। कालाबाज़ारी रोकने हेतु सरकार ने क्या-क्या इंतज़ाम किये हैं तथा क्या कदम उठाए हैं, यह भी जानकारी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं करायी गयी।

• झारखण्ड के कितने राशनकार्डधारियों के पास बाइक तथा स्मार्ट फोन, आंकड़े साझा करे सरकार

इस योजना का लाभ कितने जरूरतमंदों को मिल पाएगा, इसे लेकर संशय है। सब्सिडी पाने के लिए राशनकार्डधारियों के पास बाइक तथा स्मार्ट फोन का होना अनिवार्य है। ऐसे में सरकार को यह आंकड़ा साझा करना चाहिए कि झारखण्ड के कितने लोगों के पास राशनकार्ड, बाइक तथा स्मार्ट फोन है।