भारत-पाक के बीच तनातनी के बीच मोदी सरकार सख्त, मॉकड्रिल की तैयारी

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे तनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में देशभर में सात मई को युद्ध की स्थिति को आंकने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया है। देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा है।

झारखंड में भी कुछ जिलों में मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें रांची के अलावा जमशेदपुर गोड्डा, साहेबगंज और बोकारो का चयन किया गया है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ऐसा ही मॉक ड्रिल किया गया था। इसके बाद जम्मू कश्मीर में 26 निर्दोष पर्यटकों की आतंकियों ने हत्या की तब भारत सरकार ने एक बार फिर से पाकिस्तान को निशाने पर लिया है। पाकिस्तान और भारत के बीच लगातार चल रहे तनातनी के बीच भारत सरकार ने कड़ा रूख अपनाते हुए हर आपात स्थिति की तैयारी करनी शुरू कर दी है। ऐसे में भारत सरकार ने तय किया है कि किसी भी स्थिति में अब पाकिस्तान में संरक्षण पा रहे आतंकियों को बक्सा नहीं जाएगा।

इसी दौरान युद्ध की हर परिस्थिति के निपटने के लिए देशवासियों को तैयार रहने की अपील की जा रही है। साथ ही साथ वर्तमान हालात में देश में एकजुटता और मनोबल तोड़नेवाले बयानों पर लगाम लगाने की भी अपील की गई है।

मॉक ड्रिल को लेकर देश के सभी राज्यों के गृह सचिव के साथ आज बैठक हुई है, जिसमें देश को सुरक्षित रखने को लेकर जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, उसपर चर्चा की गई है।

मॉकड्रिल के साथ साथ ब्लैकआउट एक्सरसाइज को लेकर भी लोगों को जागरुक किया जाना है। अमूमन युद्ध की स्थिति में दुश्मनों के हवाई हमलों से बचने के लिए ब्लैकआउट किया जाता है। इसमें लोग अपने खिड़कियों और दरवाजों को पूरी तरह से ढक देते हैं, जिससे अंदर से रौशनी बाहर की ओर ना जा सके। साथ ही साथ लाइट बंद करना और कई जगहों पर शीशे पर काला रंग चढ़ाया जाता रहा है।