पेसा नियमावली पर कार्यशाला का आयोजन
- By rakesh --
- 11 Jun 2025 --
- comments are disable
रांची। 11 जून। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में पेसा नियमावली पर कार्यशाला का आयोजन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में गीतांजलि बैंक्विट हॉल चिरौंदी में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री के राजू उपस्थित हुए।
कार्यशाला में उपस्थित मंत्रीगण, विधायक गणह,अधिसूचित जिलों के जिला अध्यक्ष,प्रमुख नेतागण ने पेसा कानून लागू करने के लिए तैयार नियमावली पर विस्तृत रूप से अपने विचार साझा किये। पेसा कानून के लिए तैयार ड्राफ्ट पर विस्तृत चर्चा के क्रम में हर अध्याय के प्रमुख बिंदुओं पर सकारात्मक रूप से सुझाव रखे गए ताकि यह कानून मूर्त रूप लेकर सर्व समाज के हित की परिकल्पना को साकार करे।
कार्यशाला में प्रभारी श्री के राजू ने कहा कि आज पेसा कानून बनने के 30 वर्ष बाद हम इस पर चर्चा कर रहे हैं इसलिए झारखंड का पेसा नियमावली पूरे देश में सबसे बेहतरीन नियमावली होना चाहिए। पेसा ड्राफ्ट पर सभी के सुझाव आए हैं, आगामी 20 जून तक पेसा ड्राफ्ट के विभिन्न अध्यायों के संबंध में यदि कोई सुझाव है तो लिखित रूप से दे सकते हैं,सभी सुझावों को संयोजित कर पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तर पर एक कमेटी बनाई जाएगी। झारखंड के गांव में जाकर आदिवासी समुदाय को इससे अवगत कराया जाएगा। झारखंड का पेसा कानून बेहतरीन कानून बनकर देश के सामने आएगा जो विजन संविधान में पांचवी अनुसूची के बारे में देखा गया जो प्रावधान पेसा एक्ट में दिया गया,भूमि अधिग्रहण में दिया गया,वन अधिकार कानून में दिया गया सभी हमारे ड्राफ्ट रूल्स में परिलक्षित होगा। हमारी परंपरागत ग्राम सभा बहुत ऊपर होगी और आदिवासियों का विकास होगा।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि पैसा नियमावली पर गहन चर्चा की गई है सभी के बहुमूल्य सुझाव आए हैं। झारखंड का पेसा कानून पूरे देश का मॉडल बनेगा,स्वशासन की झारखंड की परिकल्पना साकार होगी। परंपरागत अधिकार की रक्षा करते हुए पेसा कानून लागू करने पर विचार किया गया।
सह प्रभारी सीरीबेला प्रसाद ने कहा कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की नीतियों में है। वनों पर अधिकार और उनके पारंपरिक स्वशासन के अधिकार की रक्षा हमारा प्रथम ध्येय है। पेसा एक्ट झारखंड में ग्राम सभा को मजबूती प्रदान करेगी।
कांग्रेस विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने कहा कि पेसा कानून पंचायती राज कानून का ही हिस्सा है पेसा का तैयार ड्राफ्ट जिस दिन कानून का मुहूर्त रूप लेगी वह ग्राम सभा को मजबूती देगा,पेसा एक्ट की मूल भावनाएं, आदिवासियों की परंपराएं, रूढ़ियों,पहचान को बचाने के लिए मजबूती देगा।
कांग्रेस विधायक दल उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि पेसा कानून कांग्रेस द्वारा लाया गया जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा,ग्राम सभा को सशक्त बनाने का माध्यम है। आदिवासी स्वशासन के मान्य परंपराओं की रक्षा के लिए पेसा कानून झारखंड में लागू होना जरूरी है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पेसा कानून को लागू करने के लिए गंभीर है। जनता की राय जानने के लिए हमने जनता के समक्ष ड्राफ्ट को रखा है।समाज के प्रबुद्ध लोग आदिवासी समस्याओं पर मुखर रहे लोगों के साथ चर्चा की गई है, संगठन की ओर से जो सुझाव आए हैं उस पर विभाग कार्य करेगी। भाजपा पेसा के संबंध में दुष्प्रचार कर रही है इससे बचने के लिए तैयार ड्राफ्ट को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए हमें तैयार रहना होगा। टीएसी,कैबिनेट, सरकार के स्तर पर चर्चा कर इसे लागू किया जाएगा हमें सिर्फ कानून नहीं बनाना है बल्कि से ढंग से लागू करना है।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही मानती है कि गांव में रहने वाले लोगों को समुचित अधिकार मिले। सवाल यह है की पेसा कानून जब झारखंड में लागू होगा तो 2066
अधिसूचित पंचायत में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी रहेगी या बदल जाएगी। कई ऐसी परिस्थितियों हो सकती है जहां समस्याएं आ सकती हैं,हमें सभी पर विचार करना होगा। अगर किसी गांव में गंभीर अपराध होता है और पुलिस को ग्राम सभा की अनुमति की जरूरत पड़ेगी तो आपराधिक तत्व इसका फायदा उठा सकते हैं। पेसा का मूल उद्देश्य है कि जल जंगल और जमीन की रक्षा हो सके। ग्राम सभा स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करें। हमारा फोकस होना चाहिए कि परंपरागत व्यवस्थाएं धार्मिक रीति रिवाज सांस्कृतिक विरासत की रक्षा होनी चाहिए।
कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा झूठ फैला रही है कि पेसा लागू होने से आदिवासियों की परंपरा को नुकसान है। मैंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनौती दी है कि पेसा कानून के मुद्दे पर बहस कर ले अगर उनके सुझाव सकारात्मक आएंगे तो हम उन्हें मानेंगे पर भाजपा पेसा पर चर्चा से दूर भागती है। झारखंड में पेसा एक्ट लागू होने से व्यावसायिक रूप से भाजपा को नुकसान कि आशंका रहती है शायद यही वजह है कि वह आदिवासियों को उनका अधिकार नहीं देना चाहती। आदिवासियों के अधिकारों को समाप्त करने की दिशा में भाजपा ने कई बार कार्य किए हैं जनता ने इनके कर्मों को देखा है।
स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा वाले आदिवासी विरोधी हैं इसके राज्य में कई उदाहरण है।कांग्रेस नहीं रहती तो भाजपा द्वारा सीएनटी एसपीटी एक्ट मे किया जा रहा संशोधन नहीं रुकता। आदिवासियों की जमीन को छीन कर उद्योगपतियों को देना भाजपा की नीति का हिस्सा है। देश के कई इलाकों से भाजपा ने अपने व्यावसायिक मित्रों के हितों के लिए आदिवासियों को उजाड़ दिया है, भाजपा चाहे जितना भी विरोध कर ले झारखंड में पेसा एक्ट महागठबंधन की सरकार जरूर लागू करेगी।
कार्यशाला में धन्यवाद ज्ञापन मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुजनी ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कार्यकारी अध्यक्ष श्री बंधु तिर्की, सुधीर पाल, नमन विक्सल कौनगाड़ी,सुरेश बैठा भूषण बारा,रामचंद्र सिंह,सोनाराम सिंकू,निशत अआलम,अंबा प्रसाद, अजय नाथ शाहदेव जोसाई मार्डी,रमा खलको,दयामणि बारला ने भी सुझाव रखे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राकेश सिन्हा,राजीव रंजन प्रसाद, अशोक चौधरी,गजेंद्र सिंह, अभिलाष साहू,राजन वर्मा,सुनीत शर्मा,शांतनु मिश्रा,रियाज अंसारी पीटर मुंडू,राकेश किरण महतो, सुखेर भगत,चैतू उरांव,चंद्रशेखर दास उपस्थित थे।
- #pesa
- adiwashi pesa law
- history of pesa act
- jharkhand pesa law
- pesa act
- pesa act 1996
- pesa act 1996 in hindi
- pesa act 1996 jharkhand
- pesa act by vishal sir
- pesa act drishti
- pesa act explain
- pesa act jharkhand
- pesa act jpsc
- pesa act kab lagu hua
- pesa act ki kahani
- pesa act kya hai
- pesa act story
- pesa act study iq
- pesa act svi jharkhand
- pesa act upsc
- pesa janakari
- pesa kanun press conference ranchi
- pesa law
- pesa niyamawali
- tribal pesa law