रांची : मजदूर फिर लौट रहे, प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने में विफल सरकार : भाजपा
- By admin --
- 12 Aug 2020 --
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कोरोना काल में झारखंड के लाखों मजदूर जो दूसरे राज्यों में काम कर रहे थे वो वापस चले घर चले आए। इन मजदूरों को सरकार ने अपने ही प्रदेश के गृह जिले में रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मजदूरों को रोजगार नहीं मिल सका, जिसके कारण वो भुखमरी के कगार पर पहुंच गए।
प्रदेश से मजदूर फिर से रोजगार की तलाश में दूसरे पदेशों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। इसे लेकर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर काम की तलाश में बाहर जा रहे मजदूरों ने अपनी परेशानी बताई।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की थी कि वापस लौटे एक सौ प्रतिशत प्रवासी मजदूरों को झारखंड में ही रोजगार मिलेगा।
उन्हें वापस जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन मुख्यमंत्री जी की घोषणा हवा-हवाई साबित हुई और हर रोज प्रवासी मजदूरों के अपने कार्य स्थल में लौट रहे हैं। कम्पनियां मजदूरों को हवाई जहाज और बसों से वापस ले जाया जा रही है। यह पूरे तरीके से राज्य सरकार की नाकामी है।
संकट की घड़ी में राज्य के मजदूरों को ससम्मान वापस लाया गया: जेएमएम
वही सत्ताधारी पार्टी जेएमएम ने सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि इस संकट की घड़ी में राज्य के मजदूरों को ससम्मान वापस लाया गया और इनके हुनर के आधार पर डेटाबेस तैयार किया गया है।
जिसमें कईयों को हुनर के आधार पर रोजगार दिया गया और सरकार एमओयू कर मजदूरों को काम के लिए भेजा जिसमें उनका शोषण नहीं हो। देश में कई कल कारखाने झारखंड के मजदूरों के बदौलत चलता है अगर वे जाना जा रहे हैं तो उन्हें रोकना राष्ट्र हित में नहीं होगा।
बहरहाल देश के कई हिस्सों से झारखंड के मजदूर इस उम्मीद के साथ अपने राज्य लौटे कि उन्हें अपने राज्य में रोजगार मिलेगा और अपनी जीविका चलाएंगे, लेकिन कहीं ना कहीं इस कोरोना काल के आर्थिक मंदी में उन्हें रोजगार मुहैया कराने में सरकार अपने वायदे और उनके उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।