“मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का रोडमैप पास – अस्पताल होंगे हाईटेक

“मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का आभार प्रकट – कहा, मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि से झारखंड की सेहत को नई राह”

झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम – कैबिनेट ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के रोडमैप को दी स्वीकृति

“मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का रोडमैप पास – झारखंड के अस्पताल होंगे हाईटेक और वाई-फाई युक्त”

“झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत – डिजिटल हेल्थ और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मिली हरी झंडी”

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु कैबिनेट द्वारा कूल 271 नए पदों की स्वीकृति

“मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को मंजूरी – झारखंड बनेगा तकनीक आधारित हेल्थ मॉडल”

“झारखंड की पूरी मेडिकल सिस्टम का कायाकल्प – झारखंड सरकार के ऐतिहासिक फैसले”

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रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से आज महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा तैयार स्वास्थ्य क्षेत्र के रोडमैप पर कैबिनेट की मुहर लग गई है।इस अवसर पर मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता के कारण ही आज झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नए युग की ओर अग्रसर हो रहा है।

डॉ. अंसारी ने कहा, “मेरा एकमात्र लक्ष्य झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। बतौर डॉक्टर, मैं व्यवस्था की जमीनी जरूरतों को समझता हूं और लगातार उसी दिशा में काम कर रहा हूं। अब बदलाव धरातल पर दिखने लगे हैं।”

आगे मंत्र जी ने बताया कि झारखंड सरकार ने ₹300 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध रूप से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को लागू करना है। योजना के तहत Managed Wi-Fi, CCTV युक्त Command & Control Center और HMIS की व्यवस्था C-DAC द्वारा की जाएगी, साथ ही ABDM के सभी घटकों को शामिल किया जाएगा। रिम्स रांची में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान की स्थापना हेतु 103 पद सृजित किए गए हैं, जिससे नेत्र चिकित्सा सेवाएं और दृष्टिहीनों का पुनर्वास सुदृढ़ होगा। वहीं, राज्य के पांच मेडिकल कॉलेजों (धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका, पलामू) में सुपर स्पेशियलिटी विभाग हेतु 168 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी।

डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि यह सभी निर्णय राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि व्यवस्था में व्यापक सुधार समय मांगता है, लेकिन सरकार की मंशा और प्रयास पूरी तरह स्पष्ट हैं—स्वस्थ झारखंड, सशक्त झारखंड।