रांचीः टिड्डियों के हमले की आशंका को लेकर सतर्कता

पूरा भारत इस समय वैश्विक महामारी का सामना कर रहा है। देशवासी कोरोना संक्रमण से लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में देश के कई राज्यों में एक नई संकट सामने आ गई है। टिड्डियों  के झुंड ने धावा बोल दिया है। झारखंड में भी इसका डर बना हुआ है।

खतरे से निपटने के लिये राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरु कर दी है। राज्य सरकार की ओर से टिड्डियों के हमले की आशंका से निपटने के लिए राज्य, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर टीम का  गठन किया गया है।

कृषि विभाग द्वारा राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर नियंत्रण और मॉनिटरिंग टीम का गठन किया है। झारखंड में भी किट के संभावित हमले की आशंका बताई जा रही है। माना जा रहा है कि ये कीट हवा की दिशा पर किसी भी पूर्वी राज्यों के साथ झारखंड में भी इंट्री कर सकते हैं।

कृषि विभाग इस खतरे से निपटने के लिये पूरी तैयारी कर ली है। कृषि मंत्री बादल  ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर सरकार की नजर है। त्रिस्तरीय व्यवस्था के माध्यम से नियंत्रण का काम किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि किटनास्कों के स्टोरेज और छिड़काव के इंतजाम भी किये जा रहे हैं।

साथ ही कंट्रोल टीम में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,अग्निशमन विभाग को भी लगाया गाय है। टिड्डी नियंत्रण कार्य दल में  वन प्रमंडल के पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी शामिल होंगे टिड्डियों के हमले से निपटने के लिये सरकार की ओर से बनाई गई टीम से विपक्ष नाखुश है।

 सरकार के इस फैसले पर विधायक सीपी सिंह ने सरकार पर तंज कसा है। सीपी सिंह का कहना है कि टिड्डी कोई चोर नहीं जिसके लिये टीम का गठन किया जाये। बल्कि इसमें किसानों के लिये मुआवजा की बात होनी चाहिये थी।