चीन को टक्कर देने के लिए अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया से किया अहम समझौता !

चीन को टक्कर देने के लिए अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया से किया यह अहम समझौता

अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई बढ़ाने के मक़सद से एक समझौता किया है. यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वो इस क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि इस समझौते से “फौरन शुरू किए जा सकने वाले” 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर के खनन और इससे जुड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इन प्रोजेक्ट्स से रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की माइनिंग और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी।

समझौते के तहत दोनों देश अगले छह महीनों में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में एक अरब डॉलर के प्रोजेक्ट्स में निवेश करेंगे. यह जानकारी दोनों देशों के बीच हुए समझौते के फ्रेमवर्क में दी गई है।इस समझौते पर 20 अक्टूबर, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर किए ।

समझौते की मुख्य बिंदुएं

  • $8.5 बिलियन का निवेश: यह समझौता $8.5 बिलियन के निवेश की प्रतिबद्धता है, जिसमें दोनों देश अगले छह महीनों में खनन और प्रसंस्करण परियोजनाओं में प्रत्येक $1 बिलियन से अधिक का निवेश करेंगे।
  • चीन की निर्भरता कम करना: इस पहल का मुख्य लक्ष्य चीन के वैश्विक खनिज आपूर्ति शृंखला पर नियंत्रण का मुकाबला करना है, जिसने हाल ही में दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर अपने नियंत्रण को मजबूत किया है।
  • रणनीतिक सहयोग: यह समझौता दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाता है, खासकर AUKUS सुरक्षा समझौते के संदर्भ में।
  • गैलियम का उत्पादन: समझौते में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के बीच गैलियम के संयुक्त उत्पादन की एक परियोजना भी शामिल है, जिसका उपयोग सेमीकंडक्टर निर्माण में होता है।