तमाड़ (रांची: )15 लाख के इनामी नक्सली के गांव पहुंची पुलिस !
- By admin --
- 21 Jul 2020 --
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राज्य में कोरोना महामारी की कहर अभी भी जारी है। देश और राज्य में लॉकडाउन और कोरोना ने मिलकर बेरोजगारी की सीमा और भी बढ़ा दिया है। लोग कोरोना के कारण अपने घर तो आ गए, लेकिन रोजगार की समस्या अभी भी बरकरार है।
इसी का फायदा उठाने के लिए नक्सलियों ने हर गांव से 10 युवक और युवती की मांग कर दी है। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी क्रम में 15 लाख के इनामी नक्सली और रीजनल कमिटी के सदस्य अमित मुंडा के गांव में रांची पुलिस पहुंची।
रांची एसएसपी सुरेन्द्र कुमार झा के निर्देश के बाद बुंडू डीएसपी और झारखंड जगुआर 22 के कमाण्डेन्ट अपने दल बल के साथ घोर नक्सल प्रभावित गांव तमराना पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक की। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर झारखण्ड आये हैं और रोजगार की कमी के कारण कहीं नक्सलियों के गिरोह में शामिल न हो जाएं इसकी चिंता सरकार और पुलिस प्रशासन को भी है।
इसी कड़ी में आज बुंडू तमाड़ के तमराना गांव में ग्रामीणों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की गई। तमाड़, कुचाई और सरायकेला में आतंक का पर्याय अमित मुंडा बुंडू तमाड़ पुलिस के लिए सरदर्द बना हुआ है। सरायकेला में 5 पुलिसकर्मियों की हत्या का मामला भी अमित मुंडा के नाम है।
15 लाख का इनामी माओवादी अमित मुंडा अपने खूंखार कृत्यों की बदौलत माओवादी संगठन में सक्रिय सदस्य, हार्डकोर सदस्य की सीढ़ी चढ़ते अब रीजनल कमिटी का सदस्य बन बैठा है। थाना में दर्ज मामलों की अगर बात करें तो अमित के नाम दर्ज मामलों का अर्धशतक बन गया है। पुलिस को चकमा देने और रीजनल कमिटी का दायित्व संभालने के कारण अमित मुंडा 15 लाख का नक्सली बन गया है।
नक्सलियों के लिए मुख्यधारा में शामिल होने की सरेंडर पॉलिसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। बुंडू तमाड़ इलाके में पूर्व में आतंक का पर्याय बने पूर्व माओवादी कुंदन पहान को भी सरेंडर पॉलिसी का लाभ मिल चुका है। अब पुलिस प्रशासन की नजर खूंखार नक्सली अमित मुंडा पर है। पुलिस अब प्यार से समझा बुझाकर अमित मुंडा को वापस मुख्यधारा में लाने की फिराक में है ताकि बूढ़े बीमार बाप को सुकून मिल सके और गांव समाज मे नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।