रांची। लालू की सुनवाई छह हफ्ते के लिए टली, सीबीआई ने रिम्स से जेल भेजने की करी मांग
- By rakesh --
- 11 Dec 2020 --
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अभी रिम्स में ही रहेंगे लालू
रांची। चारा घोटाले में सजा के दौरान रिम्स में अपना ईलाज करा रहे लालू प्रसाद यादव को फिलहाल सजा काटनी होगी। शुक्रवार को रांची हाईकोर्ट में होनवाली जमानत याचिका पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है। अब छह सप्ताह बाद इस पर सुनवाई होगी। शुक्रवार को हुई सुनवाई में लालू प्रसाद के वकील प्रभात कुमार की तरफ से सीबीआई के दावे को जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने छह सप्ताह बाद सुनवाई निर्धारित की।लालू के वकील ने बताया कि उनके पास अभी तक निचली अदालत में मिली सजा की सर्टिफाइड कॉपी नहीं हैं। इसके लिए उन्होंने आवेदन दिया है। वो मिल जाने के बाद ही वे कोर्ट को बता पाएंगे कि लालू यादव ने अभी तक कितनी सजा पूरी कर ली है। लालू यादव की ओर से दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत याचिका दाखिल की गई है। इस मामले लालू प्रसाद को रांची की सीबीआई कोर्ट से 7 साल की सजा सुनाई गई है। लालू प्रसाद आधी सजा काट लेने के आधार पर जमानत मांग रहे हैं।
सीबीआइ का है विरोध
पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए दावा किया था की लालू प्रसाद की आधी सजा पूरी नहीं हुई है, इसलिए जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत और जेल के रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था और यह बताने को कहा था कि आधी सजा पूरी हुई है या नहीं।
तीन मामलों में जमानत मिल गई है
लालू यादव के खिलाफ झारखंड में चारा घोटाले के पांच मामले चल रहे है। चार में उन्हें सजा सुनाई गई है। इनमें तीन में उन्हें आधी सजा काटने पर जमानत मिल गई है। एक मामले में अभी सीबीआई कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।
सीबीआइ ने लालू को रिम्स से जेल भेजने की करी मांग
लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को सीबीआइ ने झारखंड हाईकोर्ट में एक पूरक शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि लालू ने लगातार जेल नियमावली का उल्लंघन किया है और उनकी तबीयत भी अब स्थिर है। इसलिए, उन्हें रिम्स से बिरसा मुंडा जेल भेज देना चाहिए।