रांची : सरना कोड को लेकर पांच राज्यों में होगा विरोध प्रदर्शन, आसा करेगा अगुवाई

आदिवासियों को अधिकार से वंचित रखने के लिए सरकार को ठहयाया जिम्मेवार 

JDU ने कहा हेमंत सरकार आदिवासियों की आवाज दबाना चाहती है

JDU प्रदेश अध्यक्ष, आसा राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कहा है कि 5 मुद्दों को लेकर 9 सितंबर को देश के 5 राज्यों बिहार , झारखण्ड , असम में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार कोरोना के संक्रमण को रोकने में विफल रही है और इलाज के बजाय  लोगों को मौत दे रही है।

उन्होंने मांग की कि महानायक वीर शहीद सिदो -कान्हो के छठे वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या की सीबीआई की जांच कराई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द सरना धर्म कोड लागू करे।

आठवीं अनुसूची में शामिल संथाली भाषा को झारखण्ड में प्रथम राज्यभाषा बने,  महानायक सिदो कान्हो मुर्मू और महानायक बिरसा मुंडा उलगुलान क्रांति के वंशजों की सुरक्षा ,न्याय और समृद्धि के लिए दो ट्रस्ट का निर्माण कर हेमंत सरकार 100 करोड़ रूपये की पूंजी प्रदान करे।

इन 5 मुद्दे पर हेमंत सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया

 उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू और बाबूलाल मरांडी इसके लिए विशेष रूप से जिम्मेदार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी समाज में इसे लेकर काफी आक्रोश है।

उपरोक्त मुद्दों पर पूरा विपक्ष और बीजेपी भी सहयोग करे और बिहार की तर्ज पर बीजेपी एक साथ खड़ा रहे। उन्होंने कहा कि रामेश्वर मुर्मू की हत्या की जांच से क्यों सरकर मुकर रही है।

स्थानीय नीति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे। आदिवासी समाज के नेता ,पार्टी और पदधारी आदिवासी अधिकारों से साथ खड़े हों, हेमंत सरकार आदिवासी समाज को सब्जबाग दिखाना बंद करें।