कराटे का दर्शन आत्म रक्षा है: इबरार अहमद

इस्मा स्कूल नेशनल कराटे चैम्पियनशिप -2023 संपन्न

 

इंडियन स्कूल आॕफ मार्शल आर्टस, रांची के अंतर्गत चौथा इस्मा स्कूल नेशनल कराटे चैम्पियनशिप -2023 का आयोजन खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में किया गया।इस चैंपियनशिप में राज्य के दर्जनों स्कूलों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें अराध्या अर्तिका,अनाया जाॕली तिरू,लाइबा तहसीन, जयश्री नाग,जीशा लकड़ा, कोमल कुमारी ने अपने अपने कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर माही के संयोजक इबरार अहमद बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। चैंपियनशिप में विशिष्ट अतिथि माही के प्रवक्ता मुस्तकीम आलम थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इस्मा के तकनीकी निदेशक विमल आनंद नाग ने की और मंच संचालन गुलाम जावेद ने किया।
चैंपियनशिप के प्रतिभागी बच्चों को संबोधित करते हुए इबरार अहमद ने कहा कि ये फन दुनिया को सुंदर और सुरक्षित बनाने का संदेश देता है। सभी बच्चों इस दर्शन को समझना चाहिए। उन्होंने ने मार्शल आर्ट पर बनी फिल्म 36 चेंबर ऑफ शओलिन का जिक्र करते हुए कहा कि 36 वें चेंबर में बताया कि दुनिया में व्याप्त बुराईयों के खिलाफ लड़ना है और कमजोर लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है।मन,शरीर और आत्मा तीनों के सामंजस्य से मार्शल आर्ट निकलता है। बगैर हथियार के हम किस तरह अपनी रक्षा कर सकते हैं और विश्व को सुंदर व श्रेष्ठ बनाने में योगदान दे सकते हैं ‌पहले जमाने में जब लोग दूर दराज यात्रा किया करते थे ,तब जंगलों,पहाड़ों, नदियों से गुजर कर एक देश से दूसरे देश जाया करते थे तब जंगली जानवरों,चोर-डाकु और बदमाशों से रक्षा के लिए इस आर्टस का अविष्कार हुआ।इस आर्टस का लक्ष्य कभी भी किसी को मारना या नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि ये आत्म रक्षा कू लिए है।इसे मुलत: बौद्ध अनुयायियों ने जन्म दिया जब वह संदेशों व उपदेशों के लिए भ्रमण किया करते थे।आप लोगों को इस आर्टस के दर्शन को समझना होगा, क्योंकि दुनिया को खूबसूरत बनाने की जिम्मेदारी आप कंधों पर है।
कार्यक्रम में इस्मा के महासचिव कमल किशोर कश्यप,वरीय उपाध्यक्ष राहुल नौशाद आलम, उपाध्यक्ष सतीश सुमन,बेनेट मलिक, ग़ुलाम गौस, लीगल एडवाइजर एस एन दत्त और माही के कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद सलाहुद्दीन भी मौजूद थे।