रांची। ऑनलाइन पढ़ाई से परेशान छात्र और अभिभावक

जल्द निदान नहीं तो अगले जेनरेशन पर पड़ेगा बुरा प्रभाव

रांची। कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को बुरी तरह से प्रभावित किया हैं… इस संकट काल में सबसे ज्यादा शिक्षा जगत की स्थिति दयनीयहै…जहां शिक्षक , छात्र के साथ – साथ  अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गयी हैं… कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के कारण स्कूल फिर से बंद हो गए हैं ऐसे में अब ऑनलाइन शिक्षा ही एक विकल्प बन कर रह गया है… लेकिन यह भी सफल होता हुआ नहीं  दिख रहा है…

ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षक को अपनी बातें छात्रो को समझाने में परेशानियां होती हैं तो वहीं छात्रों को समझने में परेशानियां हो रही हैं…इनकी परेशानियों को मोबाइल नेटवर्क और भी बढ़ा देती है..क्योंकि खराब नेटवर्क के कारण कभी शिक्षक की आवाज पूरी तरह छात्रों को प्राप्त नहीं हो पाती… जिससे छात्र अच्छी तरह से विषय को समझ नहीं पाते हैं..तो वही अभिभावक भी ऑनलाइन पढ़ाई से परेशान है…इनका कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर निजी स्कूल सभी तरह के फीस लड़ रहे हैं.. हमारा सरकार से आग्रह होगा कि सरकार निजी स्कूलों के ऑनलाइन पढ़ाई पर कोई उचित विचार करें.. कोरोना की मार सबसे ज्या बच्चों की पढाई पर तेजी से पड़ा है। इसपर गंभीरता से विचार करने की जरुरत है। नहीं तो आनेवाले जेनेरेशन पर कई तरह के दुष्प्रभाव दिखाई पड़ सकते हैं।