झारखंड में बनेगा विश्वस्तरीय आयुष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल

झारखंड में बनेगा विश्वस्तरीय आयुष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, केंद्र को सौंपी गई 900 करोड़ की DPR

रांची: राजधानी रांची के डोरंडा स्थित पलाश सभागार में रविवार को प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा के विस्तार, आयुष व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के विकास के साथ-साथ आयुष चिकित्सा व्यवस्था को भी बेहतर और विश्वस्तरीय बनाने पर है।

900 करोड़ की लागत से आयुष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की योजना

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में एक विश्वस्तरीय आयुष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल स्थापित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित आयुष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से संबंधित पूरी परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर केंद्र सरकार को सौंप दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

मंत्री ने कहा कि आयुष चिकित्सा के लिए बेहतर संस्थान विकसित होने से राज्य में इस क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही, आयुर्वेद आधारित चिकित्सा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी।

झारखंड बन सकता है केरल का विकल्प

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब देश में आयुष चिकित्सा की चर्चा होती है, तो लोगों का ध्यान अक्सर केरल की ओर जाता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि केरल में उपलब्ध आयुष उपचार आम लोगों के लिए हमेशा सस्ता या आसानी से सुलभ नहीं है।

डॉ. इरफान अंसारी के अनुसार, यदि झारखंड में आयुष चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाए और आवश्यक संस्थागत सुविधाएं विकसित की जाएं, तो राज्य केरल के विकल्प के रूप में उभर सकता है।

उन्होंने झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इस क्षेत्र में निवेश, संस्थानों के विकास और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

स्वास्थ्य व्यवस्था को नंबर वन बनाने का दावा

सम्मेलन में चिकित्सकों और विशेषज्ञों की ओर से दिए गए सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिलाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड गठन के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। उनके अनुसार, राज्य में लंबे समय तक स्वास्थ्य क्षेत्र पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि तेज बुखार के बावजूद वह सम्मेलन में शामिल हुए हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश में नंबर एक बनाना है। मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास और नई तकनीक के उपयोग पर जोर दिया।

AI, डिजिटल और रोबोटिक तकनीक पर होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और रोबोटिक्स पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक तकनीक और AI के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि इसका लाभ झारखंड के मरीजों को मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

आयुर्वेद के विस्तार और संस्थानों के विकास पर मंथन

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस से पहले आयोजित इस सम्मेलन में आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े कई चिकित्सक, विशेषज्ञ और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा के विस्तार, आयुर्वेदिक संस्थानों के विकास और उपचार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा राज्य में लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई।

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