कतरास में भू-धंसान के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें

कतरास में भू-धंसान के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें

धनबाद: कतरास में लगातार बनी हुई भू-धंसान की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों और दुकानदारों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

आंदोलन के समर्थन में कतरास के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बीसीसीएल और खान सुरक्षा महानिदेशालय यानी डीजीएमएस के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की.

भू-धंसान से लोगों में लगातार बना है डर

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कतरास लंबे समय से भू-धंसान की समस्या से जूझ रहा है. जमीन में दरार पड़ने और धंसान की घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों के बीच लगातार भय का माहौल बना हुआ है.

लोगों का आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय उन्हें उनके घर और कारोबार से हटाने की तैयारी की जा रही है. उनका कहना है कि वर्षों से कतरास में रहने वाले परिवारों की आजीविका और सामाजिक जीवन इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उचित मुआवजा, पुनर्वास और नियोजन की व्यवस्था किये बिना किसी भी परिवार को हटाने की कोशिश का विरोध किया जाएगा.

घर और कारोबार छोड़ने के फैसले का विरोध

कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि यहां के लोगों के लिए जमीन केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि उनके घर, रोजगार और जीवनभर की मेहनत से जुड़ी हुई है.

मोर्चा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कतरास को उजाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर कोई भी निर्णय लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन कर उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति तैयार की जाए.

दुकानदारों ने दुकानें बंद कर जताया समर्थन

भू-धंसान के खिलाफ चल रहे आंदोलन में कतरास के दुकानदारों ने भी एकजुटता दिखायी. दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन का समर्थन किया.

दुकानदारों का कहना है कि भू-धंसान की समस्या का असर केवल आवासीय इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं.

लोगों ने बीसीसीएल और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराने, जोखिम वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दुकानदारों व परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की मांग की.

मुआवजा, नियोजन और सुरक्षा की मांग

प्रदर्शनकारियों ने भू-धंसान प्रभावित लोगों के लिए उचित मुआवजा और नियोजन की व्यवस्था करने की मांग उठायी. इसके अलावा उन्होंने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.

लोगों का कहना है कि जब तक विस्थापन या पुनर्वास से जुड़ी स्पष्ट नीति नहीं बनती, तब तक किसी भी परिवार को हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर बीसीसीएल में चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी गयी है.

फिलहाल कतरास में भू-धंसान का मुद्दा स्थानीय लोगों और दुकानदारों के बीच चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है. प्रदर्शन के जरिए लोगों ने प्रशासन और संबंधित संस्थानों से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है.

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