चतरा : ढिबरी युग में जीने को विवश हैं हंटरगंज प्रखंड के लोग, दुकानें बंद, पसरा सन्नाटा

झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित चतरा के हंटरगंज प्रखंड में अनियमित बिजली आपूर्ति के विरुद्ध ग्रामीणों का आक्रोश अब उग्र रूप धारण कर चुका है।

बिजली के नखरों और विभागीय अधिकारियों व कर्मियों के लापरवाही से उत्पन्न अनियमित आपूर्ति की समस्या से नाराज ग्रामीणों को अब स्थानीय व्यवसाइयों का भी खुलकर समर्थन मिल चुका है।

बिजली की मांग को ले आंदोलित ग्रामीणों के समर्थन में आज स्थानीय दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी है। जिससे न सिर्फ चतरा-डोभी मुख्यमार्ग एनएच-99 पर वीरानी छाई हुई है, बल्कि पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है।

ग्रामीणों और व्यवसाइयों का आरोप है कि प्रतिमाह ससमय बिजली बिल जमा करने के बाद भी उन्हें न तो समय पर बिजली रानी के दर्शन होते हैं और न ही उपयोगिता के अनुरूप। ऐसे में जहां आज के आधुनिक युग मे भी वे ढिबरी युग में जीने को विवश हैं वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि आज लॉक डाउन के कारण लगभग सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन क्लास संचालित हो रही है। ऐसे में प्रखंड मुख्यालय और इससे सभी गांवों में बिजली नहीं रहने से बच्चे क्लास से वंचित हो रहे हैं। इतना ही नहीं किसानों को खेत में पटवन और दुकानदारों को व्यवसाय में भी भारी नुकसान हो रहा है।

जनप्रतिनिधि भी नहीं दे रहे ध्यान

शाम ढलते ही उन्हें जेनेरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में उनके दुकानों से विद्युत उपकरण की बिक्री नहीं के बराबर हो रही है। इस बाबत ग्रामीणों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत की लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने कहा है कि अगर अब भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और भी रफ्तार दिया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदेही अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की होगी।