रांची : सीएम हेमंत ने दी शुभकामनायें , कहा-हर वर्ष होगा राजकीय अवकाश

विश्व आदिवासी दिवस पर सीएम ने आदिवासियों को अपने उन्नयन को लेकर किया संकल्प लेने का आह्वान 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके परदेश के विभिन्न प्रांतों में और दुनिया के कोने कोने में बसने वाले आदिवासी समुदायों को  शुभकामना देते हुए जोहार कहा।

उन्होंने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा झारखंड जनजातीय बहुल प्रदेश है, यहां की कला संस्कृति अनूठी है, आज देश आजाद होने से लेकर एक लंबी दूरी हम लोगों ने तय की। संविधान में आदिवासियों को शक्तियों के बावजूद हम आज इस सफर में कहां तक पहुंचे। यह एक आज हमारे लिए सवाल है, एक चिंतनीय विषय भी है।

आज का दिन आदिवासी समाज के लिए अंकित है। आज का दिन हमें संकल्प लेने का दिन है, आज हमारा और इस समाज का एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज इसलिए इतनी लंबी सफर और समय तय करने के बावजूद हमारा यह समाज किन-किन ऊंचाइयों को छुआ।

समाज को आगे बढ़ने के लिए एकजुट रहें

उन्होंने कहा कि यह कहीं ना कहीं आज के दिन इस विषय पर हमें कुछ सोचने पर मजबूर करता है। इसलिए साथियों आज आदिवासी दिवस पर मेरा आग्रह और विनम्र प्रार्थना भी होगा कि समाज को आगे बढ़ने के लिए हमें एकजुट रहना होगा।

शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही

मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा को प्राथमिकता देना होगा, आज के इस भौतिकवादी और आज इस कंपटीशन के दौर में और जिस तरीके से आज एक वैश्विक महामारी दुनिया में फैली है, मानो एक परिवर्तन का दौर पूरे दुनिया में महसूस किया जा रहा है।

आज के दिन में इस संक्रमण में इस गतिशील अवधि में यह समाज को अब तय करना है, कि अब हम आगे बढ़े। आज के इस शुभ अवसर पर हमारी सरकार ने आदिवासी दिवस को हर वर्ष राज्य के अवकाश के रूप में मनाया जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार ने लिया है।

अंत में संघर्षों की मूर्तियों को नमन करते हुए अपने समाज के और पूरे देश के आदिवासियों को अपनी ओर से पुनः शुभकामनाएं बधाई देते हुए जोहार करता हूं।