शराब घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे गिरफ्तार, गए जेल

रांची। एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे को किया गिरफ्तार। पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव के साथ साथ उत्पाद विभाग के सचिव भी थे।आईएएस अधिकारी ईडी के रडार पर भी थे, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भी आरोपी हैं।

उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह भी गिरफ्तार

सीनियर आईएएस अफसर विनय चौबे की गिरफ्तारी के साथ-साथ संयुक्त उत्पाद आयुक्त गंजेंद्र सिंह भी गिरफ्तार हो गये हैं। बता दें कि दोनों से लंबी पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।

 

  • झारखंड सरकार ने 2021 में यह तय किया था कि राज्य में नयी उत्पाद नीति की जरूरत है
  • तत्कालीन उत्पाद विभाग के सचिव विनय चौबे ने सरकार और तत्कालीन मंत्री जगरनाथ महतो को बताया कि पुरानी शराब व्यवस्था से सिर्फ 1700 से 1800 करोड़ का रेवेन्यू मिलता है, नयी नीति लाने से यह रेवेन्यू बढ़ कर तीन हजार करोड़ हो जायेगा
  • सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ के उत्पाद नीति का अध्य्यन करने रायपुर गया, जिसमें आइएएस औऱ अन्य अधिकारी शामिल थे
  • इसके बाद सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) को नयी उत्पाद नीति बनाने के लिए सलाहकार बनाया गया, जिसे 1.25 करोड़ रुपये दिये गये
  • सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी का रांची आना शुरू हुआ और इसके बाद छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अनवर ढेबर और सुमीत फैसिलिटिज तथा अन्य कंपनियों के सिंडिकेट ने सरकार को सुनहरा स्वपन दिखाया
  • सीएसएमसीएल ने राज्य की 1580 शराब की रीटेल दुकानों के संचालन के लिए प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन करने का सुझाव दिया, पूरे राज्य में 9 जोन बनाये गये
  • इस नीति का राजस्व पर्षद ने फरवरी 2022 में विरोध भी किया, पर सरकार के वित्त विभाग और विधि विभाग की अनुशंसा पर नयी उत्पाद नीति लागू एक मई 2022 से लागू कर दी गयी
  • छत्तीसगढ़ की प्लेसमेंट एजेंसियां सुमीत फैसिलिटिज, एटूजेड इंफ्रा सोल्यूशंस, इगल हंटर और प्राइम वन वर्क फोर्स कंपनी को राज्य भर के शराब दुकानों का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गयी
  • छत्तीसगढ़ की दो ब़ड़ी डिस्टीलरीज दिशिता वेंचर्स लिमिटेड और एक अन्य कंपनी को थोक शराब की जवाबदेही सौंपी गयी
  • छह महीने में ही दोनों डिस्टीलरीज को थोक शराब के व्यापार से हटाते हुए उनकी बैंक गारंटी जब्त कर ली गयी
  • फिर सभी प्लेसमेंट एजेंसियों को एक-एक कर काली सूची में डालते हुए उन्हें हटाया गया और इनसे 450 करोड़ रुपये वसूला गया
  • पहले वर्ष नयी नीति से सरकार को सिर्फ 2050 करोड़ का रेवेन्यू मिला, दूसरे वर्ष यह आंकड़ा थोड़ा बढ़ा, 2024-25 में आंकड़ा 27 सौ करोड़ तक पहुंचा
  • फिर दिल्ली की कंपनी आरके ग्रुप, गुजरात की कंपनी विजन हास्पीटलिटीज, वेबेल लिमिटेड, एसके ग्रुप और जीडीएक्स कंपनी ने यहां तरह-तरह के कारनामे किये
  • जीडीएक्स को भी सरकार ने काली सूची में डाल दिया, इस कंपनी ने पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले में 22 करोड़ का गबन किया
  • सितंबर 2024 में छत्तीसगढ़ में आइएएस विनय चौबे और सहायक आयुक्त गजेंद्र सिंह पर एसीबी ने मुकदमा दर्ज किया
  • ईडी ने भी छत्तीसगढ़ एसीबी की प्राथमिकी के आधार पर राज्य में शराब घोटाले को लेकर छापेमारी की
  • इडी की छत्तीसगढ़ इकाई ने कई बार उत्पाद आयुक्त, तत्कालीन आइएएस विनय चौबे औऱ सहायक आयुक्त को रायपुर पूछताछ के लिए बुलाया
  • दोनों अधिकारियों ने किसी भी तरह के को-हर्सिव एक्शन से बचने के लिए रायपुर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, पर नहीं मिली राहत
  • इसी तरह गुजरात की कंपनी विजन हास्पीटलिटीज और मार्शन कंपनी ने फरजी बैंक गारंटी के आधार पर प्लेसमेंट एजेंसी का काम लिया औऱ करोड़ों का चूना सरकार को लगाया
  • जनवरी 2025 से झारखंड सरकार ने लाटरी आधारित दुकानों का आवंटन कर नयी उत्पाद नीति बनाने की कार्रवाही शुरू की
  • नयी उत्पाद नीति को इसी माह कैबिनेट से मंजूरी दी गयी है, अब यह नीति एक जून 2025 से राज्य भर में लागू होगी