गाड़ी के नंबर प्लेट पर स्टॉप क्राईम ऑर्गेनाइजेशन लिखने का क्या है मतलब ?

  • गैंग्स ऑफ हिन्दपीढ़ी !
  • हिन्दपीढ़ी के लोग जी रहे हैं दहशत के माहौल में
  • कांग्रेस के झंडे लगे जिप्सी में क्यों लिखा है Govt of Jharkhand ?

रांची का हिन्दपीढ़ी अपराधियों के चंगुल में जकड़ चुका है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिन्दपीढ़ी के लोग अब भय के माहौल में जीने को विवश हैं। आये दिन यहां छोटी बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, लेकिन भय से लोग इन अपराधियों के खिलाफ पुलिस तक नहीं पहुचते हैं, जिससे मामला प्रकाश में नहीं आ पाता है।

कौन है मोनू खान ?

दरअसल, कुख्यात शूटर अफजल की हत्या कर मोनू खान उर्फ मोनू गैंग का लीडर बन बैठा है। मोनू खान, कुख्यात गैंगस्टर सोनू इमरोज और अफरोज का भाई है। नवंबर 2018 में सोनू की हत्या के बाद गिरोह की कमान अब मोनू के हाथों में है, और इन सब में साथ देता है उसका एक भाई अफरोज, जो किसी राजनीतिक रसूख रखने वाले का बहुत ही करीबी बताया जाता है।

पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है मोनू !

वर्ष 2019 में कोकर थाना क्षेत्र के बांधगाड़ी के पास से, दुर्गा पूजा के दौरान मोनू खान को एक हत्या की घटना को अंजाम देने से पहले पुलिस ने 4 सहयोगियों के साथ पकड़ा था, जिससे 6 लोडेड पिस्टल और मैग्जीन की बरामदगी भी हुई थी। हालांकि मोनू को लोगों ने जमकर पीटा था। सूत्रों की मानें तो आपराधिक गतिविधियों में इसके दो छोटे भाई हैदर और राजा तथा उसका साला फैशल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कोकर स्थित बांधगाड़ी में लोगों ने मोनू की पिटाई की थी
कोकर स्थित बांधगाड़ी में लोगों ने मोनू की पिटाई की थी

क्या करता है ये गैंग ?

सूत्र बताते हैं कि मोनू के साथ अपराधियों की एक बड़ी फौज है। जो हमेशा लोडेड पिस्टल के साथ मोनू के नेतृत्व में हिन्दपीढ़ी के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। यहां के लोग दहशत में अपनी जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। इस इस गैंग का काम किसी की प्रॉपर्टी पर कब्जा, पिस्टल की नोक पर फिरौती व रंगदारी वसूलने, दुकानों से बिना भुगतान के जबरन सामान लेना आदि शामिल है।

आपराधिक घटनाओं पर नजर

सूत्रों के अनुसार कुछ घटनाओं पर अगर नजर डालें तो, इनके द्वारा हिन्दपीढ़ी के एक कबाड़ी वाले के अपहरण के बाद फिरौती, ठेकेदार से मारपीट एवं फिरौती, किसी के घर में घुसकर पिस्टल की नोक पर दो लाख की मांग, वेल्डर को धमकी एवं डेढ़ लाख रुपये की मांग भी की जा चुकी है।

यही नहीं माली टोला स्थित एक मकान के दुकान पर बलपूर्वक अवैध कब्जा, एक विधवा महिला के लड़कों से मारपीट, हवाई फायरिंग समेत दुकान से मुफ्त राशन का उपयोग करने कई वारदात शामिल है।

स्थानीय लोगों में खौफ

स्थानीय लोगों में इनका खौफ ही अपराध के फलने-फूलने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। क्योंकि फिरौती या जघन्य आपराधिंक मामलों में जेल से बेल मिलने के बाद ये अपराधी उन लोगों के साथ कुछ भी कर सकते हैं।

गाड़ी पर कांग्रेस का लगा रहता है झंडा !

सूत्र बताते हैं कि ये लोग गिरोह के साथ अमूमन दो गाड़ियों पर घूमते लेते हैं, जिसमें एक काले रंग की कार जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH 01DX 2515 है और दूसरी सफेद रंग की जिप्सी है, जिसका नंबर JH 01D 0101 है। इनकी गाड़ियों के नंबर प्लेट पर Stop Crime Organisation लिखा कांग्रेसी झंडा भी लगा होता है। वहीं दूसरी गाड़ी में Govt of Jharkhand भी लिखा मिलेगा।

कार जिस पर Stop Crime Organization लिखा हुआ है

इस गिरोह के पास है हथियारों का जखीरा !

मोनू और हैदर सड़क पर गिरोह के सदस्यों के साथ स्थानीय के बीच दहशत पैदा करने की मनसा से पिस्टल लहराते हुए देखा जाता है। फिलहाल अभी मोनू और उसके तीनों साथी जमानत पर बाहर हैं। सूत्रों की मानें तो मोनू एवं उसके भाइयों के पास हथियारों का जखीरा भी है जिसकी सप्लाई राज्य और राज्य के बाहर भी की जाती है।