बहन ने भाई की हत्या कर शव को घर में दफनाया, ढाई महीने बाद खुला राज !

पतरातू। बहन ने भाई की हत्या कर शव को घर में दफनाया, ढाई महीने बाद खुला राज !

पतरातू में घर में अकेली रह रही थी युवती

पतरातू। झारखंड राज्य के रामगढ़ जिला के पतरातू थाना क्षेत्र के एक बहन द्वारा अपने भाई की हत्या कर  जमीन में दफनाने का मामला सामने आया है, हालांकि यह मामला लगभग ढाई महीना पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रामगढ़ जिला के पतरातू थाना क्षेत्र के पंचवहनी मंदिर पंचायत पथ के संख्या 33, आवास एफ 235, के अंदर एक युवक का शव ढाई महीने से दफनाया हुआ पाया गया, जानकारी के अनुसार पतरातू के बरतुआ निवासी नरेश महतो का पुत्र रोहित कुमार 21 वर्ष बीते 30 जून से लापता था,इस संबंध में नरेश महतो ने बताया कि उसका बेटा रोहित कुमार 24 जून को अपने ममेरे भाई दिलीप महतो जो रांची चुटिया का रहने वाला उसके घर रहने गया था, 30 जून को नरेश महतो के बेटी चंचल कुमारी ने अपने भाई को फोन कर घर आने को कहा,जिसके बाद चंचल कुमारी ने रोहित को रांची चांदनी चौक बस स्टैंड से रिसीव कर रामगढ़ ले आई, नरेश महतो का अनुसार चंचल कुमारी ने अपने भाई की हत्या कर शव को घर में दफना दीया, जानकारी के बाद चुटिया पुलिस शनिवार को पतरातू थाना पहुंची जहां युवती से पूछताछ की जा रही है।

पूरे मामले को लेकर पतरातु थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि चुटिया से पुलिस पदाधिकारी आए हुए हैं,पतरातू थाना प्रभारी ने बताया कि चुटिया थाना में रोहित कुमार का मिसिंग मामला दर्ज किया , सूचना पर चुटिया पुलिस पतरातू पहुंचकर रोहित कुमार की बहन से पूछताछ कर रही है, पूरे मामले को लेकर पतरातू थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि पूछताछ में पाया गया कि रोहित कुमार की बहन चंचल ने  ही  अपने भाई की हत्या कर घर में ही शव को दफना दिया है,शव को निकालने के लिए मजिस्ट्रेट डिपुट किया जाएगा उसके बाद ही शव को निकाला जाएगा।

परिजन ने बताया कि 6 जुलाई को रांची के चुटिया थाना में मिसिंग का मामला दर्ज किया गया था, परिजन ने भी बताया कि बहन के द्वारा ही भाई की हत्या कर दी गई है, और सब घर में ही दफना दिया गया है।

पुलिस को दिये बयान में युवती ने बताया कि उसका भाई नशीली दवा का सेवन करता था। उस दिन भी उसने ओवरडोज दवा ले ली थी, जिससे उसकी मौत हो गई। घबराहट में उसने बिना किसी को बताए शव को घर में ही दफना दिया। परिजनों ने भी इसकी तस्दीक की कि रोहित नशीली दवाओं को सेवन करता था। चुटिया में रहने वाला रोहित का ममेरा भाई दिलीप उसे अपने पास बुलाकर इलाज करा रहा था। 30 जून को चंचल ने रोहित को फोन कर पतरातू बुलाया। वह खुद उसे कांके रोड स्थित चांदनी चौक से साथ लेकर आई। इस दिन के बाद से रोहित का कोई पता नहीं चला।  लेकिन तब तक प्रेमी के शामिल होने की बात नहीं आई थी