सहयोग करें और नीचे दिए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें

सायरन बजाने पर घबराएं नहीं यह मात्र अभ्यास है, वास्तविक आपातकाल नहीं

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सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी को बढ़ाने के लिए, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई, 2025 को राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह अभ्यास नागरिकों, संस्थानों और बुनियादी ढांचे को संभावित आपात स्थितियों, जैसे शत्रुतापूर्ण हमले या प्राकृतिक आपदाओं, के लिए तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण है।

जिलावासियों से अनुरोध है कि वे सहयोग करें और नीचे दिए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।

*अभ्यास के उद्देश्य :-

– नागरिक रक्षा तंत्र की तैयारियों का परीक्षण और सुधार करना।
– नागरिकों को आपातकालीन प्रोटोकॉल और आत्म-सुरक्षा में प्रशिक्षित करना।
– संकट के समय स्थानीय अधिकारियों और आम जनता के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।

नागरिक कार्य योजना – चरणबद्ध रूप से

1. हवाई हमले की चेतावनी सायरन

– क्या होगा: अभ्यास के दौरान निर्धारित समय पर तेज सायरन बजाए जाएंगे।
– नागरिक कार्य:
– तुरंत घर के अंदर आश्रय लें।
– खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहें।
– “सब ठीक” सायरन सुनाई देने तक घर के अंदर रहें।
– यदि वाहन चला रहे हैं, तो सुरक्षित रूप से रुकें और यदि संभव हो तो घर के अंदर आश्रय लें।

2. आत्म-सुरक्षा और जीवन रक्षा प्रशिक्षण
– क्या होगा: स्थानीय प्राधिकरण, स्कूल और आरडब्ल्यूए लाइव प्रदर्शन आयोजित करेंगे या जागरूकता सामग्री वितरित करेंगे।
– नागरिक कार्य:
– विस्फोट या हमले के दौरान अपनी रक्षा करना सीखें: झुकें – ढकें – पकड़ें।
– बच्चों को आपातकालीन कदम और संपर्क जानकारी सिखाएं।
– एक गो-बैग तैयार रखें जिसमें आवश्यक वस्तुएं हों जैसे:
– प्राथमिक चिकित्सा किट
– पीने का पानी
– टॉर्च और बैटरी
– बुनियादी सूखा भोजन
– व्यक्तिगत पहचान पत्र, दवाएं और आपातकालीन संपर्क सूची

3. क्रैश ब्लैकआउट अभ्यास

– क्या होगा: विशिष्ट क्षेत्रों में अस्थायी ब्लैकआउट हो सकता है।

– नागरिक कार्य:

– निर्देश मिलने पर सभी घरेलू और बाहरी लाइटें बंद करें।
– खिड़कियों से प्रकाश बाहर निकलने से रोकने के लिए ब्लैकआउट पर्दे या मोटे कपड़े का उपयोग करें।
– तेज प्रकाश उत्सर्जित करने वाले उपकरणों, जैसे मोबाइल स्क्रीन या फ्लैशलाइट, का उपयोग न करें (जब तक सुरक्षा के लिए आवश्यक न हो)।

4. महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का छलावरण

– क्या होगा: प्राधिकरण पानी की टंकियों, बिजली स्टेशनों और दूरसंचार टावरों जैसे प्रमुख भवनों को छलावरण करने का अनुकरण कर सकते हैं।

– नागरिक कार्य:
– प्रतिबंधित क्षेत्रों का सम्मान करें और आधिकारिक कार्य में बाधा न डालें।

– इन अभ्यासों की तस्वीरें न लें या साझा न करें।

– संघर्ष या खतरों के दौरान ऐसे बुनियादी ढांचे को छिपाने के महत्व को समझें।

5. निकासी योजना का पूर्वाभ्यास

– क्या होगा: चयनित आवासीय कॉलोनियों, स्कूलों और कार्यस्थलों में वैकल्पिक निकासी आयोजित की जा सकती है।

– नागरिक कार्य:
– अपने भवन या क्षेत्र से निकलने का सबसे छोटा और सुरक्षित मार्ग जानें।

– अभ्यास समन्वयकों या वार्डन के निर्देशों का पालन करें।

– लिफ्ट का उपयोग न करें; केवल सीढ़ियों का उपयोग करें।

– बुजुर्गों, बच्चों और विकलांग लोगों की सहायता करें।

– पूर्व-निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में इकट्ठा हों और व्यवस्था बनाए रखें।

नागरिकों के लिए अतिरिक्त तैयारी उपाय

6. संचार और समन्वय
– मोबाइल फोन चार्ज रखें लेकिन अभ्यास के दौरान केवल आपातकालीन संचार के लिए उपयोग करें।
– महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर सहेजें:
– स्थानीय पुलिस स्टेशन
– नागरिक रक्षा नियंत्रण कक्ष
– निकटतम अस्पताल
– सूचित रहने के लिए स्थानीय सामुदायिक प्रतिक्रिया टीम या व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं।

7. सूचित रहें, घबराएं नहीं
– यह एक अभ्यास है – वास्तविक आपातकाल नहीं।
– घबराएं नहीं। अधिकारियों के निर्देशों का शांति से पालन करें।
– सोशल मीडिया पर असत्यापित संदेश, वीडियो या अफवाहें फैलाने से बचें।

8. स्कूल और कार्यालय की भागीदारी

– माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में उपस्थित होने और भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
– कार्यालयों को कर्मचारियों को अभ्यास के समय और निकासी प्रोटोकॉल के बारे में सूचित करना चाहिए।
– प्रबंधन को आपातकालीन निकास, अलार्म सिस्टम और कर्मचारी तैयारियों का परीक्षण करना चाहिए।

9. नागरिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण

– सामुदायिक सेवा में रुचि रखने वाले नागरिक अपने स्थानीय नागरिक रक्षा इकाइयों में पंजीकरण कर सकते हैं।
– प्राथमिक चिकित्सा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया में बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

*हम मिलकर एक सुरक्षित राष्ट्र का निर्माण करते हैं*
यह राष्ट्रव्यापी पहल आपकी सक्रिय भागीदारी और जागरूकता पर निर्भर करती है। नागरिक रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है – यह एक साझा जिम्मेदारी है। आपकी आज की तैयारी कल जिंदगियां बचा सकती है।