रांचीः NSUI का UGC के खिलाफ अनूठा प्रदर्शन, थाली पीट कर जताया विरोध
- By admin --
- 12 Jul 2020 --
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प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह के नेतृत्व में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कोरोना काल में परीक्षा लेने के विरोध में और फीस माफी को लेकर प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई ने मांग है कि झारखंड के सारे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षा को रद्द कर छात्रों को प्रोमोट करना चाहिए।
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने थाली बजाकर विरोध किया। इंदरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि छात्रों द्वारा परीक्षा को स्थगित करने की मांग को अनसुना किया जा रहा हैउसको देखते हुए समझा जा सकता है कि यूजीसी नींद में सोई हुई है। इसलिए झारखण्ड एनएसयूआई ने सांकेतिक रूप से थाली बजाकर यूजीसी को जगाने का प्रयास किया।
यूजीसी अन्याय कर रहीः इंदरजीत सिंह
उन्होंने आरो लगाया कि यूजीसी के साथ-साथ केंद्र सरकार भी छात्रों के साथ पूरी तरह अन्याय कर रही है। झारखंड के सारे विश्वविद्यालय और कॉलेजों की परीक्षा को रद्द कर छात्रों को प्रोमोट करना चाहिए। इंदरजीत सिंह ने कहा कि सरकार को छात्रों की सभी तरह की फीस माफ कर देनी चाहिए। कोरोना काल मे छात्रों पर आर्थिक संकट आया है ऐसे में किसी तरह का शुल्क लेना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को प्रयोगशाला न समझे। छात्र देश और राज्य के भविष्य होते हैं, ऐसे में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
इंदरजीत सिंह का कहना है कि परीक्षाएं कराना केंद्र सरकार का एक ‘संकीर्ण नजरिया’ है और इस फैसले से छात्रों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा है। अगर आईआईटी बॉम्बे फाइनल इयर की एग्जाम कैंसिल कर सकता है तो बाकी विश्वविद्यालय ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। केंद्र का यह फैसला संकीर्ण नजरिए का है और इससे छात्रों की सेहत खतरे में पड़ जाएगी। आपको बता दें कि आईआईटी बॉम्बे ने फाइनल इयर के एग्जाम रद्द कर दिए हैं और इसके विकल्प के तौर पर पिछले साल के छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार का तुगलकी फरमानः इंदरजीत सिंह
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते, जब पूरे देश के परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त है, ऐसे परिस्थितियों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तुगलकी फरमान जारी कर विश्विद्यालय को परीक्षा करवाने के निर्देश दिए है। जबकि अभी छात्रों का आधे से ज्यादा कोर्स पढ़ाया जाना अभी बाकी है।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने इस दौरान माँग करते हुए कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द इस तुगलकी फरमान को वापस ले नहीं तो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) उग्र आंदोलन करेगी। मौके पर आकाश रजवार, प्रणव राज, अमन यादव, आकाश, हिमांशु, आमिर, अब्दुल राबनवाज, राजू, गौतम मौजूद थे।