Surat Textile Market Fire: ₹10 हजार की सैलरी के विवाद में अकाउंटेंट ने लगाई आग, ₹24 करोड़ का नुकसान
- By rakesh --
- 22 Sep 2026 --
- comments are disable
सूरत: गुजरात के सूरत स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मार्केट में काम कर चुके एक पूर्व अकाउंटेंट ने कथित तौर पर अपनी बकाया सैलरी नहीं मिलने से नाराज होकर आग लगाई थी। इस घटना में कपड़ा कारोबारियों को करीब 24 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र के धुले निवासी विनोद साल्वे को 21 सितंबर 2026 को सूरत के डिंडोली इलाके से गिरफ्तार किया। बताया गया है कि वह अप्रैल 2026 में मार्केट की छठी मंजिल स्थित एक टेक्सटाइल फर्म में अकाउंटेंट के रूप में काम करने लगा था।
CCTV फुटेज से सामने आया आग लगाने का तरीका
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर की आधी रात के बाद मार्केट के अंदर आग लगी थी। CCTV फुटेज में एक व्यक्ति काले रंग की शर्ट, हल्के रंग की पैंट और कंधे पर बैग लटकाए सुनसान गलियारे में जाता दिखाई दिया।
गलियारे के दोनों ओर कपड़ों के बड़े पैकेट रखे थे। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति बैग से कुछ निकालकर पैकेटों पर तरल पदार्थ छिड़कता हुआ नजर आया। इसके बाद उसने माचिस जैसी किसी वस्तु से आग लगा दी और आग भड़कते ही वहां से भाग निकला।
पुलिस का कहना है कि फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति विनोद साल्वे ही है। वारदात के दौरान उसने चेहरा कपड़े से ढक रखा था और गहरे रंग का चश्मा पहना हुआ था।
नवरात्रि और दिवाली के लिए तैयार कपड़े भी जले
आग से मार्केट की छठी मंजिल स्थित कई दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। पांचवीं मंजिल की कुछ दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं। पुलिस के अनुसार, आग में उन कपड़ों के पैकेटों को भी नुकसान पहुंचा, जिन्हें नवरात्रि और दिवाली से पहले ग्राहकों को भेजने के लिए तैयार रखा गया था।
इस घटना से कारोबारियों को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, नुकसान की राशि करीब 24 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
वरिष्ठ अकाउंटेंट और मालिक से नाराज था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, विनोद साल्वे को कंपनी में हर महीने 30 हजार रुपये वेतन मिलता था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह फर्म के वरिष्ठ अकाउंटेंट और मालिक के व्यवहार से परेशान था।
उसका आरोप था कि उसे लगातार डांटा जाता था और उसके काम में कमियां निकाली जाती थीं। करीब एक महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उसने अपनी 10 हजार रुपये की बकाया सैलरी मांगी, लेकिन भुगतान के लिए उसे कथित तौर पर बार-बार टाल दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल्वे बकाया रकम के लिए फोन करता था और कभी-कभी कार्यालय भी जाता था। जब उसे पैसे नहीं मिले तो उसने कथित तौर पर पुरानी कंपनी से बदला लेने का फैसला किया।
₹150 का पेट्रोल खरीदकर लगाई आग
सूरत के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस करणराज वाघेला के अनुसार, आगजनी से एक दिन पहले विनोद साल्वे ने डिंडोली के एक पेट्रोल पंप से 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा था।
पुलिस का आरोप है कि 8 सितंबर की रात मार्केट की दुकानें बंद होने के बाद वह छठी मंजिल पर पहुंचा। वहां गलियारे में रखे साड़ियों और ड्रेस मटेरियल के पैकेटों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। CCTV फुटेज के टाइम स्टांप के अनुसार, वह करीब चार मिनट तक मार्केट के अंदर रहा।
राजस्थान और अयोध्या के रास्ते सूरत लौटा
पुलिस के अनुसार, आग लगाने के बाद विनोद साल्वे बाइक से वहां से निकल गया। इसके बाद वह राजस्थान और फिर अयोध्या चला गया। 20 सितंबर की रात उसके सूरत लौटने की जानकारी पुलिस को मिली।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए 21 सितंबर को डिंडोली इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर आगजनी की पूरी परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
14 घंटे तक आग बुझाने में जुटी रहीं दमकल टीमें
आग की सूचना 8 सितंबर की रात करीब 12:50 बजे दमकल विभाग को मिली थी। इसके बाद दमकल की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और लगभग 14 घंटे तक आग बुझाने का अभियान चलाया।
शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की थी। CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर संदिग्ध की पहचान विनोद साल्वे के रूप में की गई। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें: राष्ट्रमंडल संसदीय संघ सम्मेलन में हिस्सा लेकर रांची लौटे मथुरा प्रसाद महतो और दशरथ गागराई