आदिम जनजातीयों के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की तैयारी तेज

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JAGUA) के तहत 49.76 जनजातीय परिवारों के समग्र विकास हेतु कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी
राज्य स्तर पर convergence एवं परिवार/गांव स्तर पर gap की पहचान पर बल
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत कुल 24,104 करोड़ रुपए से आदिम जनजातीय परिवारों के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जाएगा
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रांची:- मुख्य सचिव, श्रीमती अलका तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JAGUA) एवं प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) की State Level Apex Committee की बैठक प्रोजेक्ट भवन स्थित मुख्य सचिव सभागार में हुई।
जनजाति परिवारों और जनजाति बहुल गांवों को बुनियादी सुविधाओं से पूर्ण कर उनके सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JAGUA) की शुरूआत की गई है। इसके तहत झारखंड के 7139 गांवों के लगभग 49.76 जनजातीय परिवारों के समग्र विकास हेतु कार्ययोजना का सूत्रण कर कार्रवाई की जा रही है। मुख्य सचिव द्वारा बैठक में केन्द्र एवं राज्य स्तर पर convergence एवं परिवार/गांव स्तर पर gap की पहचान तथा संबंधित मंत्रालय से बजटीय आवंटन की प्राप्ति में तेजी लाने पर बल दिया गया, ताकि लक्ष्य की प्राप्ति निर्धारित समय-सीमा के अंदर सुनिश्चित की जा सके। प्रशासी विभाग द्वारा सभी विभागों के लिए एक guideline बनाने के परिप्रेक्ष्य में भी कार्रवाई किया जाना अपेक्षित होगा। विभागीय पदाधिकारी को छत्तीसगढ़, ओडिशा आदि राज्यों से संपर्क कर तत्संबंधी कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। बैठक में विभागवार योजना की गहन समीक्षा की गई, जिसमें संबंधित विभाग द्वारा योजना की स्वीकृति/भौतिक उपलब्धि के परिप्रेक्ष्य में की गई कार्रवाई से अवगत कराया गया। मुख्य सचिव द्वारा प्रशासी विभाग को निदेश दिया गया कि वे अपने स्तर से भारत सरकार से प्राप्त पत्र/निदेशों के आलोक में सभी विभागों को तत्संबंधी कार्रवाई हेतु पत्र निर्गत करें।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 से आगामी 03 वर्षों के लिए कुल 24,104 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है, जिसमें केन्द्रांश 15,336 करोड़ रुपए एवं राज्यांश 8,768 करोड़ रुपए है। मुख्य सचिव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना, जल जीवन मिशन, मेडिकल मोबाईल यूनिट, विद्युत ग्रिड, आंगनबाड़ी केन्द्रों, वन धन विकास केन्द्र इत्यादि की प्रगति की समीक्षा करते हुए निदेश दिया गया कि तत्संबंधी प्रगति प्रतिवेदन/आवंटन आदि के संबंध में सभी विभाग भारत सरकार से पत्राचार कर योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाना सुनिश्चित करें।
बैठक में श्री मस्तराम मीणा, प्रधान सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभागय श्री कृपानंद झा, सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागय श्री मनोज कुमार, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग विभागय श्री ए0 सिद्दिकी, सचिव, कृशि, पशुपालन एवं सहकारिता विभागय श्री उमाशंकर सिंह, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभागय श्री जितेन्द्र सिंह, सचिव, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभागय श्री अबू इमरान, अभियान निदेशक, झारखंड राज्य स्वास्थ्य मिशन आदि उच्चाधिकारी उपस्थित थे।