JSSC CGL Exam Row: बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
- By rakesh --
- 20 Sep 2026 --
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जमशेदपुर: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा विवाद को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को दूषित बताया गया है. ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पहले अदालत के सामने सभी तथ्य क्यों नहीं रखे गये.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व में न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया गया था. बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआइ से कराने की मांग की.
अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामले में शीर्ष स्तर के अधिकारी अधिकार और सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि जवाबदेही तय होने पर निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और मनोज कौशिक की भूमिका की जांच कराने की मांग की. भाजपा नेता ने कहा कि मामले में यह भी जांच होनी चाहिए कि पहले जांच को किस दिशा में ले जाया गया और ‘गड़बड़ी नहीं हुई’ का दावा करने वाले हलफनामे किन परिस्थितियों में दाखिल किये गये थे.
उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है. किसी भी स्तर पर यदि अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
सीआइडी जांच पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना इतना बड़ा मामला सामने आ सकता है.
बाबूलाल मरांडी ने सीआइडी की जांच प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि सीआइडी निष्पक्ष जांच करने के बजाय प्रभावशाली लोगों को बचाने वाले तंत्र की तरह काम करती हुई दिखाई दे रही है. हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गये हैं और इन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है.
उन्होंने दोहराया कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा विवाद की जांच सीबीआइ से कराई जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों और आम लोगों का भरोसा बहाल हो सके.
प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता को हटाने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता को जेएसएससी से तत्काल हटाने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने मनोज कौशिक को सीआइडी एडीजी के पद से मुक्त करने की बात कही.
उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता समेत उन सभी पूर्व अध्यक्षों और अधिकारियों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, जिनके कार्यकाल में कथित गड़बड़ियां हुईं. उनके अनुसार, जांच के दौरान यदि किसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई की जानी चाहिए.
संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के कई नेता रहे मौजूद
संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक राजेश शुक्ला और मीडिया प्रभारी प्रेम झा मौजूद थे.
इससे पहले सर्किट हाउस में बाबूलाल मरांडी से मुलाकात करने कई प्रमुख नेता भी पहुंचे. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर भाजपा लगातार राज्य सरकार से जांच, जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है.