रांची: झारखंड के कई जिलों के इलाके अब रेड जोन की ओर अग्रसर

झारखंड में तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ राज्य के कई इलाके एक बार फिर से रेड जोन की ओर बढ़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक मंगलवार को राज्य में 141 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। इसके सात राज्य के मरीजों की संख्या तीन हजार 18 हो गई है।

जानकारों के अनुसार वर्तमान में राज्य में हर दिन अगर इसी रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो निश्चय ही बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। इसके साथ ही जानकारों की मानें तो लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद से अधिकांश लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जबकि कोरोना को लेकर अब ज्यादा चिंता जताई गई थी।

लापरवाही बन रहा है कोरोना का बड़ा कारण

राज्य सरकार की तरफ से कोरोना की महामारी से निपटने के लिए कई तरह से उपाय शुरूआती दौर में की गई थी। धीरे-धीरे लोग लापरवाह होते जा रहे हैं, जिससे महामारी का रूप बड़ा होता जा रहा है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का कहना है कि झारखंड सरकार की तरफ से टेस्ट की संख्या बढ़ाई जा रही है। लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए।

हालांकि राज्य में जिस रफ्तार से कोरोना के मरीजो की संख्या बढ़ रही है, उससे सरकार को भी सचेत होने की जरुरत है और लोगों की लापरवाही को सख्त नियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

धनबाद से 23 पत्रकार हुए कोरोना पॉजिटिव

कोयला नगरी धनबाद में चौकाने वाले रिपोर्ट सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार धनबाद से 93 पत्रकारों का कोरोना टेस्ट किया गया, जिसमें सिर्फ 55 पत्रकारों का ही अभी टेस्ट रिपोर्ट आया है। इसमें से 23 पत्रकार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

अब धनबाद के मीडियाकर्मियों में दहशत है। क्योंकि अधिकांश पत्रकार फील्ड में या दफ्तर में जार अपना काम कर रहे थे। कई पत्रकारों का बड़े नेताओं के साथ लगातार संपर्क भी होता रहा है।

पूर्व मंत्री भी कोरोना के चपेट में

झारखंड के पूर्व मंत्री मथुरा महतो के साथ साथ कई लोग इलाके में कोरोना के चपेट में आ गए हैं। अब इनके संपर्क की जानकारी ली जा रही है कि हाल के दिनों में मथुरा महतो किन-किन नेताओं के साथ या पब्लिक के बीच पहुंचे थे। इसके बाद सभी की कोरोना जांच कराई जा सकती है।

सात जुलाई तक का आंकड़ा

राज्य में 3018 कोरोना के मरीजों की संख्या है। इसमे 892 सक्रिय केस हैं। 2104 मरीज ठीक होकर घट लौट गए हैं। वहीं 22 लोग कोरोना के कारण मौत के गाल में समा गए हैं। स्वास्थ्य विभाग  का मानना है कि कोरोना से मरनेवालों का प्रतिशत काफी कम है, इसलिए राज्य सरकार लगातार तेजी से कार्य कर रही है।