रांचीः विश्वस्तरीय मॉडल पर विकसित जैविक उद्यान…..

रांची के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान को देश के 10 बेहतरीन चिड़ियाघरों की सूची में शामिल कर लिया गया है। अब बिरसा जू के अच्छे दिन आएंगे और इसे विश्वस्तरीय मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

दिसंबर में सभी राज्यों ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सामने अपने दो-दो चिड़ियाघरों का प्रजेंटेशन दिया था, जिसमें रांची के बिरसा जू का चयन किया गया। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इस आशय की जानकारी राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पीके वर्मा को दी है।

कैसे हुआ चयन… 

दिसंबर में देश के सभी राज्यों को अपने-अपने चिड़ियाघरों की विशेषताओं का प्रस्तुतिकरण करना था। झारखंड से रांची और जमशेदपुर के जू की प्रस्तुति दी गई। इसमें रांची के बिरसा जू का चयन हुआ।

अब आगे क्या…

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सामने 24 जून को राज्य प्राधिकरण प्रजेंटेशन में अपना विजन बताएगा। यह बताएगा कि कैसे बिरसा जैविक उद्यान को अगले 10 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किया जाएगा।

104 हेक्टेयर में फैला है बिरसा जू

1400 से अधिक हैं यहां वन्यजीव  और पक्षी

02 वर्ष पर बाघ ने 3 शावक जन्मे यहां

24 जून को सेंट्रल चिड़ियाघर प्राधिकरण के सामने प्रजेंटेशन

जू की विशेषताओं ने लिस्ट में दिलाया स्थान

पीके वर्मा ने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने दिसंबर 2019 में देश के सभी राज्यों को अपने-अपने चिड़ियाघरों की विशेषताओं का प्रस्तुतिकरण देने को कहा था। झारखंड से बिरसा जू और जमशेदपुर के जू शामिल हुए। राज्य प्राधिकरण से 24 जून को अपना विजन रखने के लिए ऑनलाइन प्रजेंटेशन देने को कहा गया है। इसमें बताना होगा कि कैसे बिरसा जू 10 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का बनाया जाएगा।

प्रजेंटेशन में क्या बताया

बिरसा जू पूरी तरह से प्राकृतिक वातावरण में विकसित किया गया है।

जानवरों को एक-दूसरे से ऐसे अलग रखा गया है ताकि वे स्वच्छंद वनागमन कर सकें।

स्वस्थ वातावरण होने के कारण बाघ समेत अन्य जानवर नियमित प्रजनन कर रहे हैं।