रांची। वैक्सिन के मुद्दे पर हेमंत ने लिया पीएम मोदी को पत्र, राजनीति तेज

वैक्सिन को लेकर राजनीति तेज

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एकबार फिर से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री को एक और पत्र लिखा है। हेमंत सोरेन ने इस पत्र में जिक्र किया है कि झारखँड में वैक्सिनेशन को लेकर जिस तरीके की स्थिति है, उससे कई तरह के अड़चने आ रही है। राज्य सरकार के पास उतनी राशि नहीं है कि सभी को सरकार वैक्सिन दिला सके। ऐसे में केद्र सरकार को चाहिए कि यहां फ्री वैक्सिन उपलबंध कराए। अब इस पत्र को लेकर राजनिक हलकों में तेजी से चर्चा होने लगी है।

हेमंत सोरेन की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिस तरीके से पत्र लिखा गया है, उससे साफ है कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है, जिससे वैक्सिन खरीदा जा सके। ऐसे में पत्र के माधअयम से मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार राज्यके लोगों को फ्री वैक्सिन उपलब्ध कराए। अब सरकार चला रही पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तो पहले ही कहा था कि केंद्र सरकार की पॉलिसी सही नहीं है। ऐसे में राज्य की जनता की परेशान बढ़ रही है।

हेमंत के इस पत्र के बाद से झारखंड में विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा है कि देश के कुच राज्यों के मुख्यमंत्रियों का समूह है जो आए दिन केद्र सरकार को सामने रखकर राजनीति कर रहे हैं। इन राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय केंद्र पर ठिकरा फोड़ रहै है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार वेक्सिन नहीं लगा सकती है,  सीधे सीधे प्रधानमंत्री के सामने हाथ खड़ा कर दें।

झारखंड जैसे राज्य जहां बड़ी संख्या में लोग गांव में रहते हैं, वहां वैक्सिन देने को लेकर पहले से कई तरह की अड़चने सामने आई है। अब कोरोना के संकट के बीच वैक्सिन को लेकर अगर राजनीति तेज होती है, तो राज्य की जनता को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार बयानबाजी छोड़ राज्य की जनता के हित में सीधे बात करें और इसका समुचित समाधान निकाले, जिससे कोरोना की जंग से लड़ाई लड़ी जा सके।

ब्यूरो रिपोर्ट सबरंग समाचार रांची।