पलामूः कोरोना काल मे उभरता कला स्वर, लाइव पोट्रेट्स ने किया आकर्षित

कोरोना काल में देश-दुनिया की सभी आर्थिक-सामाजिक गतिविधियां ठप्प पड़ गयी है, ऐसे में कलाकारों के समक्ष भी बड़ी संकट उत्पन्न हुई है। अपनी कला और हूनर के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में जुटे कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से पलामू जिला मुख्यालय डालटनगंज (मेदिनीनगर) में 24 से 26 जून तक स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियों की प्रथम कला प्रदर्शनी का आयोजन पलामू सूचना भवन परिसर में किया गया।

 प्रदर्शनी में स्थानीय कलाकारों के द्वारा अपनी कलाकृतियों लगाई हैं जिसमे चित्रकारी, वुड ड्राफ्टिंग तथा डोकरा आर्ट शामिल हैं।  26 जून संपन्न होने वाले कला प्रदर्शनी में चित्रकारों तथा स्थानीय कलाकारों के द्वारा लोक चित्रकारी के साथ साथ उनके द्वारा लाइव पोट्रेट भी लगाए गए हैं। कला प्रदर्शनी में अपने वुड ड्राफ्ट वर्क को प्रदर्शित करने वाले मेदिनीनगर के जाने-माने चित्रकार तथा राष्ट्रीय स्तर पर वुड ड्राफ्ट के लिए पहचाने जाने वाले प्रेम भसीन ने कहा कि कला प्रदर्शनी में कलाकरों को अपना जौहर दिखाने का एक प्लेटफार्म मिला है।

भसीन दिल्ली में प्रगति मैदान में विकास मेला में प्रदर्शनी लगा चुके हैं। इसके अलावा शहर में भी वुड ड्राफ्ट वर्क को बढ़ावा देने वाले वे पहले शख्स हैं। प्रथम कला प्रदर्शनी में भाग ले रहे एस. एम. जमाल नैयर ने बताया कि कलाकारों की शैली को बढ़ाने के लिए उनके कला को रोजमर्रा की जिंदगी में उतारना होगा। सन 1982 से कला से जुड़े  नैयर ने आर्ट फॉर लाइफ को तरजीह देते हुए कहा कि फैब्रिक पेंटिंग, घर के सजावट सहित वाल पेंटिंग में भी कला का इस्तेमाल किया जा सकता है।

जिले भर में अब तक 40 से 45 हज़ार विद्यार्थियों को कला सिखाने वाले एसएम जमाल नैयर ने बताया कि उन्होंने 1982 से 1988 तक घर घर जाकर बच्चों को कला का ट्यूशन दिया है। उसके बाद शिल्पिस्तान आर्ट इंस्टिट्यूट का गठन किया, जिसके माध्यम से वे पलामू में कला को बढ़ावा देने में जुट गए।

प्रदर्शनी में स्थानीय कलाकारों द्वारा 80 से अधिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमें विभिन्न तरह की पेंटिंग,वुड क्राफ्ट, डोकरा, म्यूरल वर्क के साथ साथ लाइव पोट्रेट भी लगाए गए हैं। यहां पहुंचने वाले दर्शकों में प्रदर्शनी में लगे कलाकृतियों के बारे में जानने में उत्सुकता दिखाई दी।

जिले  के उपाय डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद कलाकारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। वहीं सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी -सह -उप जनसम्पर्क निदेशक आनंद ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराने की कोशिश की गयी है।